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पाल सकते हैं कुत्ता, मानने पड़ेंगे ये नियम...

पाल सकते हैं कुत्ता, मानने पड़ेंगे ये नियम...
Aug 14, 2025, 06:50 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसीः शहर में पालतू कुत्तों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, लेकिन उनकी देखभाल और सफाई के उचित इंतजाम न होने से गली-मोहल्लों में गंदगी फैल रही है. कई पालतू कुत्ता मालिक सार्वजनिक स्थलों पर कुत्तों को शौच कराते हैं, जिससे आसपास के लोगों को परेशानी होती है.



नियम मौजूद, पर पालन नहीं


नगर निगम के उत्तर प्रदेश नगर निगम (पालतू एवं निर्बल पशुओं का नियंत्रण व प्रजनन) नियम 2017 के तहत पालतू कुत्तों का पंजीकरण अनिवार्य है. इसके लिए कुत्ता मालिक को 500 रुपये शुल्क और एक सालाना शुल्क देना होता है. ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा भी उपलब्ध है.


संख्या में बड़ा अंतर


शहर में अनुमानित 45,000 से अधिक कुत्ते हैं, जिनमें करीब 15,000 पालतू कुत्ते माने जाते हैं. वहीं नगर निगम में सिर्फ 470 पालतू कुत्तों का ही पंजीकरण दर्ज है.


लापरवाही और जुर्माने का प्रावधान


नियमों के तहत पंजीकरण न कराने और सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी फैलाने पर जुर्माने का प्रावधान है, लेकिन नगर निगम द्वारा इस पर सख्ती से अमल नहीं हो रहा.


विभाग को हो रहा नुकसान


पंजीकरण में लापरवाही से नगर निगम को सालाना करीब 50 लाख रुपये का नुकसान हो रहा है. इसके अलावा, कुत्तों के खरीद-बिक्री और लाइसेंस पर भी कोई सख्त नियंत्रण नहीं है.



कुत्ता-बिल्ली पालने के नियम और जुर्माना


1. लाइसेंस जरूरी – तीन माह से अधिक उम्र के कुत्ते या बिल्ली को बिना लाइसेंस रखना मना है.


2. शुल्क – गैर-ब्रीडिंग पालतू कुत्ते के लिए वार्षिक शुल्क 1000 रुपये.


ब्रीडिंग (प्रजनन) के लिए शुल्क 500 रुपये.


3. टीकाकरण अनिवार्य – पालतू कुत्ते व बिल्लियों के लिए एंटी-रेबीज और अन्य आवश्यक टीके लगवाना जरूरी.


4. संख्या सीमा – एक परिवार अधिकतम 4 पालतू रख सकता है.


5. शेल्टर की आवश्यकता – 5 या अधिक पालतू होने पर 300 वर्ग गज का ‘स्वान/पशु शेल्टर’ बनाना अनिवार्य.


6. लाइसेंस अवधि – लाइसेंस हर 6 माह में नवीनीकरण करना होगा.


7. प्रतिबंधित नस्लें – पिटबुल, रॉटवीलर, डोगो अर्जेंटीनो, टोसा, फाइलब्रासीलिएरो और मास्टिफ जैसी नस्लों को रखना मना है.


8. पहचान टैग/चिप – पालतू कुत्ते को बिना टैग, टोकन या माइक्रोचिप के बाहर ले जाना प्रतिबंधित.


9. सार्वजनिक स्वच्छता – पालतू कुत्तों को सार्वजनिक स्थानों पर शौच कराना मना है.


10. सुरक्षा उपाय – बाहर घुमाने पर कुत्ते के मुंह पर माउजल और गले में पट्टा लगाना अनिवार्य.


11. जुर्माना – नियम तोड़ने पर 5,000 रुपये तक का जुर्माना हो सकता है.


12. सूचना देना – पालतू कुत्ता खोने पर नगर निगम को जानकारी देना जरूरी है.

गंगा नदी में स्नान कर रहा युवक गहरे पानी में डूबा,  NDRF के जवानों ने बचाई जान
गंगा नदी में स्नान कर रहा युवक गहरे पानी में डूबा, NDRF के जवानों ने बचाई जान
वाराणसी: दशाश्‍वमेध थाना क्षेत्र के मीर घाट पर बीते मंगलवार को एनडीआरएफ के जांबाजों ने महज कुछ ही पलों में रोमांचक बचाव में बदल दिया. गंगा के पवित्र जल में स्नान कर रहा भदोही जिले का 18 वर्षीय एक युवक अचानक असंतुलित होकर गहरे पानी में बहने लगा और डूबने की कगार पर पहुंच गया. घटना के समय मीर घाट पर 24 घंटे की पिकेट ड्यूटी पर तैनात एनडीआरएफ के जवानों ने देरी न करते हुए गंगा में छलांग लगा दी और डूब रहे युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. प्राथमिक उपचार के बाद युवक की हालत खतरे से बाहर बताई गई.एनडीआरएफ के उप महानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा के कुशल निर्देशन में बल की टीमें इन दिनों गंगा घाटों पर लगातार गश्त कर रही हैं. श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और स्नान-पूजन के दौरान होने वाली छोटी-मोटी असावधानियों को देखते हुए एनडीआरएफ के जवान किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई के लिए पूरी तरह मुस्तैद रहते हैं.श्रद्धालुओं ने की NDRF टीम की तारीफइस साहसिक बचाव कार्य को देखकर आसपास मौजूद सैकड़ों श्रद्धालुओं ने एनडीआरएफ टीम की जमकर वाहवाही की. कई लोगों ने कहा, “एनडीआरएफ के जवान वाकई हमारे जीवन रक्षक हैं. उनका साहस और तत्परता देखकर गर्व होता है.” वाराणसी में इन दिनों मां गंगा के तट पर पुण्य स्नान करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है. ऐसे में एनडीआरएफ की यह त्वरित और पेशेवर प्रतिक्रिया एक बार फिर साबित करती है कि आस्था के इस पावन शहर में सुरक्षा के हर पहलू पर पूरी नजर रखी जा रही है. एनडीआरएफ ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि गंगा स्नान के दौरान सावधानी बरतें, गहरे पानी से दूर रहें और किसी भी असामान्य स्थिति में तुरंत आसपास मौजूद बचाव दल को सूचित करें.
होली मिलन के जरिए जनाधार जोड़ने की कवायद, घर घर पहुंचेंगे भाजपाई
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वाराणसी: भारतीय जनता पार्टी में जनाधार जोड़ने की कवायद चल रही है. होली को राजनीतिक संदेश के साथ गांठते हुए भाजपा ने बड़ा संगठनात्मक अभियान छेड़ने की तैयारी कर ली है. पार्टी के 14 प्रमुख विषयों को लेकर कार्यकर्ता होली पर घर-घर पहुंचेंगे. हाल ही में तीन राज्यों के वरिष्ठ पदाधिकारियों के बीच इन मुद्दों पर मंथन हुआ था, जिसके बाद अब इन्हें जमीनी स्तर पर लागू करने की रणनीति बनाई गई है. होली मिलन कार्यक्रमों के जरिये भारतीय जनता पार्टी अपने संगठनात्मक एजेंडे को आमजन तक पहुंचाने की तैयारी में है.प्रदेश महामंत्री धर्मपाल सिंह ने बैठक की थी. इसके बाद पार्टी नेताओं ने रणनीति तैयार कर ली है. स्पष्ट निर्देश दिए कि 14 प्रमुख विषयों को हर बूथ स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए. पिछले दिनों बनारस में तीन राज्यों के बड़े पदाधिकारियों के बीच हुई रणनीतिक चर्चा में 14 विषयों पर सहमति बनी थी. अब इन्हें संगठित अभियान के रूप में लागू किया जा रहा है. बूथ स्तर तक सक्रियता बढ़ाने, कार्यकर्ताओं को सीधे मतदाताओं से जोड़ने की योजना है.ये होंगे मुद्दे भाजपा का इतिहास और विकास, चुनाव प्रबंधन, वैचारिक अधिष्ठान, समन्वय की भूमिका, कार्यपद्वति, विचार परिवार, संगठन विस्तार, कार्यकर्ता विकास, बूथ प्रबंधन, कार्यालय संचालन, सरकार की उपलब्धियां, मोदी सरकार की योजनाएं, सोशल मीडिया और नमो एप, एआई आधारित सरल एप.आरएसएस ने भी कसी कमरराष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने कमर कसते हुए अपनी संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं. जमीनी स्तर पर कैडर को सक्रिय करने और सामाजिक संपर्क बढ़ाने की रणनीति पर काम शुरू हो चुका है. सूत्रों के अनुसार, संघ की ओर से शाखाओं और आनुषांगिक संगठनों के जरिये बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की योजना बनाई गई है. हर बूथ पर संपर्क प्रमुख तय करने और मतदाता सूची के सूक्ष्म अध्ययन पर जोर दिया जा रहा है.
विदेश मंत्रालय ने US के दावों की खोली पोल, कहा- ईरान पर मिसाइलें नहीं दाग रहा अमेरिका
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