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काशी में साइबर क्राइम गैंग का खुलासा, दबोचे गए चार आरोपी

काशी में साइबर क्राइम गैंग का खुलासा, दबोचे गए
चार आरोपी
Aug 17, 2025, 08:27 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसीः काशी में साइबर अपराध से जुड़ा एक बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस ने ऐसे चार बदमाशों को गिरफ्तार किया है जो सीधे-सादे लोगों को गुमराह कर उनके परिचयपत्रों पर फर्जी तरीके से सिम कार्ड लेकर उन्हें साइबर अपराधियों को बेच देते थे. ये बदमाश नाटी इमली क्षेत्र के पास से पकड़े गए.


पुलिस के अनुसार, ये गिरोह कूरियर और बसों के माध्यम से ये सिम कार्ड दिल्ली-एनसीआर के साइबर अपराधियों तक पहुंचाता था. गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों में दो वोडाफोन कंपनी के एजेंट हैं, जबकि बाकी दो एजेंटों से सिम खरीदकर उन्हें आगे बेचते थे.



पुलिस की छापेमारी में 71 सिम कार्ड, एक बायोमेट्रिक मशीन, चार एंड्रॉइड मोबाइल फोन और 18,490 रुपये नकद बरामद किए गए हैं. साथ ही, एजेंटों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनके लाइसेंस रद्द कराने की रिपोर्ट भी संबंधित कंपनी को भेजी गई है. डीसीपी क्राइम सरवणन टी ने इस सफल कार्रवाई के लिए साइबर सेल और लालपुर-पांडेयपुर पुलिस टीम की सराहना की है.



एक ही व्यक्ति के नाम पर 10 सिम कार्ड जारी


पुलिस उपायुक्त ने जानकारी दी कि साइबर अपराध की बढ़ती घटनाओं की जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि एक ही व्यक्ति के नाम पर 10 सिम कार्ड जारी किए गए हैं. इसी सुराग से जांच आगे बढ़ाई गई और थाना कोतवाली क्षेत्र के हरतीरथ निवासी अरुण त्रिपाठी से पूछताछ की गई. पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर जैतपुरा के कटेहर पीलीकोठी निवासी नेयाज अहमद को हिरासत में लिया गया. आरोपियों की निशानदेही पर आगे कार्रवाई करते हुए ग्राम तितिरा कुडीयारी, थाना तरवा, जिला आजमगढ़ निवासी (वर्तमान में पांडेयपुर में रहने वाला) सुनील यादव और नई बस्ती पांडेयपुर का शुभम अग्रहरी भी पुलिस ने गिरफ्तार किया.



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पूछताछ में इन सभी आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने बड़ी संख्या में सिम कार्ड बेचे हैं. उन्होंने बताया कि ये सिम कार्ड सामान्य तौर पर 100 से 150 रुपये में बेचे जाते थे, लेकिन साइबर अपराधी इन्हें 2000 से 2500 रुपये तक में खरीदते थे. पुलिस टीम ने सभी आरोपितों का चालान कर उन्हें कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया.



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इस तरह फंसाते है सिम लेने वाले ग्राहकों को


आजकल सिम कार्ड दो तरीकों से जारी किए जाते हैं: पहला है ई-केवाइसी (इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से ग्राहक की पहचान), और दूसरा डी-केवाइसी (डॉक्यूमेंट के जरिए पहचान). ई-केवाइसी प्रक्रिया में ग्राहक के फिंगरप्रिंट से आधार कार्ड और नाम आदि की डिजिटल पुष्टि हो जाती है.


गिरफ्तार गिरोह इसी प्रणाली का दुरुपयोग कर रहा था. ये बदमाश पहले सिम लेने आए व्यक्ति का ई-केवाइसी करते थे, लेकिन कुछ देर बाद सर्वर न चलने का बहाना बनाकर उससे दस्तावेज़ भी मांग लेते थे. इसके बाद वे दस्तावेजों के आधार पर ग्राहक को एक गिरफ्तारजारी कर देते थे.



लेकिन असली धोखाधड़ी यहीं से शुरू होती थी. पहले लिए गए फिंगरप्रिंट और ई-केवाइसी डेटा का इस्तेमाल कर वे उसी व्यक्ति के नाम पर एक और सिम कार्ड जेनरेट करते और उसे साइबर अपराधियों को बेच देते थे.


इस तरह, एक ही व्यक्ति के नाम पर दो सिम जारी हो जाते. एक असली ग्राहक के पास और दूसरा साइबर ठगों के पास, जिससे कई तरह की ठगी को अंजाम दिया जाता था.



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ठगी के तार बैंकों से जुड़े, कई बैंककर्मी जांच के घेरे में


गिरफ्तार किए गए आरोपियों से हुई पूछताछ में यह अहम जानकारी सामने आई है कि जिन सिम कार्डों की आपूर्ति वे साइबर अपराधियों को कर रहे थे, उनका इस्तेमाल न सिर्फ ठगी में, बल्कि फर्जी बैंक खाते खोलने के लिए भी किया जा रहा था. इस खुलासे के बाद पुलिस ने अपनी जांच को और तेज कर दिया है.


जांच एजेंसियों के रडार पर संदिग्ध बैंककर्मियों


मामले की तह तक पहुंचने में जुटी पुलिस को कुछ बैंककर्मियों की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है, जो अब जांच एजेंसियों के रडार पर हैं. हालांकि, पुलिस फिलहाल पूरी जांच पूरी किए बिना किसी पर सीधी कार्रवाई करने से बच रही है, ताकि कानूनी प्रक्रिया में कोई चूक न हो.



इस पूरे ऑपरेशन में साइबर सेल और स्थानीय पुलिस की टीम ने अहम भूमिका निभाई. पुलिस टीम में साइबर सेल प्रभारी मनोज कुमार तिवारी, इंस्पेक्टर राजीव कुमार सिंह (लालपुर-पांडेयपुर), दारोगा अजय कुमार पांडेय, धीरेंद्र कुमार तिवारी, हरिकेष यादव, हेड कांस्टेबल शिव कुमार प्रसाद, कृष्ण कुमार जायसवाल, कांस्टेबल अमरेश यादव, विराट सिंह, आदर्श आनंद सिंह, शिव बाबू, अंकित गुप्ता, रोहित तिवारी, रविश राय और अखिलेश सोनकर शामिल रहे.


पुलिस की यह कार्रवाई न सिर्फ एक गिरोह को बेनकाब करने में सफल रही, बल्कि साइबर अपराध की जड़ों तक पहुंचने की दिशा में एक अहम कदम भी साबित हो सकती है.

पूर्वोत्तर रेलवे का ‘स्वच्छता से स्वागत’ अभियान, यात्रियों और रेलकर्मियों को किया जागरूक
पूर्वोत्तर रेलवे का ‘स्वच्छता से स्वागत’ अभियान, यात्रियों और रेलकर्मियों को किया जागरूक
वाराणसी : पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल में बुधवार को "स्वच्छता से स्वागत" अभियान के तहत विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर विशेष स्वच्छता एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। अभियान का उद्देश्य स्टेशन परिसर और रेल पटरियों को प्लास्टिक मुक्त बनाना तथा यात्रियों और आमजन को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना रहा।मंडल रेल प्रबंधक श्री आशीष जैन के निर्देशानुसार एवं वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर (ENHM) श्री अनुभव पाठक के नेतृत्व में स्वास्थ्य निरीक्षकों और संविदा कर्मचारियों ने स्टेशनों एवं रेल पटरियों के आसपास गहन सफाई अभियान चलाया। इस दौरान प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को हटाकर स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया।ALSO READ: महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने किया बरेका इंटर कॉलेज का व्यापक निरीक्षण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर दिया जोरअभियान के दौरान रेल कर्मचारियों और यात्रियों को स्वच्छता के महत्व की जानकारी दी गई। साथ ही अपील की गई कि वे प्लास्टिक एवं अन्य कचरा रेल पटरियों या स्टेशन परिसर में न फेंकें तथा निर्धारित कूड़ेदानों का ही उपयोग करें।रेलवे अधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी और आमजन के सहयोग से स्वच्छता का संदेश प्रभावी ढंग से प्रसारित किया गया। वाराणसी मंडल स्वच्छ, सुंदर, सुरक्षित और यात्री हितैषी रेल परिवेश उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने किया बरेका इंटर कॉलेज का व्यापक निरीक्षण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर दिया जोर
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वाराणसी : बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) के महाप्रबंधक श्री आशुतोष पंत ने बुधवार को बरेका इंटर कॉलेज का व्यापक निरीक्षण कर विद्यालय की शैक्षणिक, खेल एवं आधारभूत सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को बेहतर, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया।निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक ने विज्ञान प्रयोगशालाओं, कक्षाओं, कंप्यूटर लैब, पुस्तकालय, शौचालय तथा बास्केटबॉल कोर्ट सहित विद्यालय परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न सुविधाओं की गुणवत्ता, रखरखाव और स्वच्छता की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक कार्य शीघ्र पूरा करने तथा सभी संसाधनों का नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।ALSO READ: 30 जुलाई से शुरू होगा बीएचयू विश्वनाथ मंदिर का श्रावण महोत्सव, दर्शन के लिए विशेष व्यवस्थाइस अवसर पर प्रमुख मुख्य इंजीनियर श्री शैलेंद्र कुमार सिंह, प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी श्री लालजी चौधरी, उप महाप्रबंधक श्री सागर, उप मुख्य इंजीनियर श्री साकेत, बरेका इंटर कॉलेज के प्राचार्य श्री ए.के. माहेश्वरी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
30 जुलाई से शुरू होगा बीएचयू विश्वनाथ मंदिर का श्रावण महोत्सव, दर्शन के लिए विशेष व्यवस्था
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वाराणसी : काशी हिन्दू विश्वविद्यालय स्थित श्री विश्वनाथ मंदिर में श्रावण महोत्सव-2026 का आयोजन 30 जुलाई से 28 अगस्त तक किया जाएगा। महोत्सव को लेकर मंदिर प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुगम दर्शन के लिए महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की गई है। वहीं, विश्वविद्यालय के कर्मचारियों और विद्यार्थियों के लिए भी अलग लाइन बनाई गई है।मंदिर प्रशासन के अनुसार श्रावण मास में रविवार, सोमवार तथा प्रदोष जैसी विशेष तिथियों पर श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ रहने की संभावना को देखते हुए 30 जुलाई से 28 अगस्त के बीच इन दिनों गर्भगृह में यजमानों का रुद्राभिषेक पूजन प्रतिबंधित रहेगा। हालांकि, सोमवार को छोड़कर अन्य विशेष तिथियों पर भीड़ की स्थिति का आकलन करने के बाद रुद्राभिषेक की अनुमति दी जा सकती है। इसके लिए श्रद्धालुओं को उसी दिन मंदिर कार्यालय से अनुमति प्राप्त करनी होगी।ALSO READ: वाराणसी में कूड़े में मिले सोने के सिक्के, कूड़ा बीनने वाले ने 60 हजार में बेचा एक सिक्काश्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दिव्यांगजनों हेतु व्हीलचेयर, प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) और शीतल पेयजल की विशेष व्यवस्था की गई है। मंदिर प्रतिदिन प्रातः 4 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा दोपहर 1 बजे से रात्रि 9 बजे तक दर्शन के लिए खुला रहेगा।मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित व्यवस्थाओं का पालन करते हुए दर्शन करें, ताकि श्रावण महोत्सव के दौरान सभी को सुगमता और सुरक्षित वातावरण में भगवान विश्वनाथ के दर्शन का लाभ मिल सके।