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गंगा डॉल्फिन संरक्षण के लिए नियुक्त होंगे "डॉल्फिन मित्र", वाराणसी और गाजीपुर चुने गए

गंगा डॉल्फिन संरक्षण के लिए नियुक्त होंगे "डॉल्फिन मित्र", वाराणसी और गाजीपुर चुने गए
Aug 27, 2025, 09:34 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी: गंगा की जीवनदायिनी धारा में विलुप्तप्राय हो रही डॉल्फिन के संरक्षण के लिए अब स्थानीय लोगों को भी जिम्मेदारी दी जाएगी. भारत सरकार की प्रोजेक्ट डॉल्फिन योजना के तहत उत्तर प्रदेश वन विभाग ने "डॉल्फिन मित्र" कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है. इसके तहत वाराणसी और गाजीपुर जिलों को प्राथमिकता पर चिन्हित किया गया है, जहाँ स्थानीय मछुआरे, नाविक, विद्यार्थी और शोधार्थी इस मुहिम का हिस्सा बनेंगे.


डॉल्फिन क्यों खास?


गंगा डॉल्फिन को अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) ने विलुप्तप्राय प्रजाति की सूची में रखा है. यही वजह है कि भारत सरकार ने वर्ष 2021 में "प्रोजेक्ट डॉल्फिन" की शुरुआत की. इसके साथ ही 5 अक्टूबर 2022 को डॉल्फिन को राष्ट्रीय जलीय जीव घोषित किया गया और हर साल 5 अक्टूबर को राष्ट्रीय डॉल्फिन दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया. डॉल्फिन को भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत संरक्षित जीवों में शामिल किया गया है.

वाराणसी–गाजीपुर होंगे मॉडल जिले


वन संरक्षक, वाराणसी सर्किल द्वारा भेजे गए प्रस्ताव के अनुमोदन के बाद 16 जुलाई 2025 को एकीकृत वन्यजीव विकास परियोजना (Integrated Development of Wildlife Project) को स्वीकृति मिली. इसके तहत गंगा नदी के प्रवाह क्षेत्र में डॉल्फिन संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. पहले चरण में वाराणसी और गाजीपुर जिलों को चिन्हित किया गया है, जहाँ 2-2 "डॉल्फिन मित्र" नियुक्त किए जाएंगे.


क्या होगी "डॉल्फिन मित्र" की जिम्मेदारी?


डॉल्फिन मित्र" की जिम्मेदारी गंगा नदी में डॉल्फिन की गतिविधियों और उनके प्रवास स्थलों पर लगातार नजर रखने की होगी. वे अवैध मछली पकड़ने और प्रदूषण जैसी गतिविधियों की जानकारी तुरंत विभाग को देंगे. साथ ही स्थानीय लोगों में जागरूकता अभियान चलाकर उन्हें डॉल्फिन के महत्व और संरक्षण की जरूरत से अवगत कराएंगे. इसके अतिरिक्त शोधार्थियों और विद्यार्थियों के साथ मिलकर वे डॉल्फिन संरक्षण में सक्रिय सहयोग भी करेंगे .वन विभाग का मानना है कि नाविक, मछुआरे और विद्यार्थी नदी के किनारे अधिक समय बिताते हैं, इसलिए वे प्राकृतिक प्रहरी की तरह डॉल्फिन की निगरानी और सुरक्षा में अहम भूमिका निभा सकते हैं.

आवेदन प्रक्रिया और मानदेय


डॉल्फिन मित्र बनने वाले व्यक्तियों को विभाग की ओर से निर्धारित मानदेय भी दिया जाएगा. इस योजना से जुड़ने के इच्छुक लोग 29 अगस्त 2025 तक अपना आवेदन प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय, वाराणसी या गाजीपुर में जमा कर सकते हैं. आवेदन ई-मेल के जरिए भी भेजा जा सकता है –


वाराणसी: dfovrns@yahoo.in


गाजीपुर: dfoghazipur@rediffmail.com



स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता


वन विभाग ने साफ किया है कि गंगा नदी के निकटवर्ती गांवों में रहने वाले लोग, विद्यार्थी और शोधार्थी इस योजना से जुड़ने के लिए प्राथमिकता पर लिए जाएंगे। इससे न केवल युवाओं को पर्यावरण संरक्षण से जुड़ने का अवसर मिलेगा बल्कि वे सीधे तौर पर गंगा की जैव विविधता को बचाने में भी योगदान दे सकेंगे.


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वाराणसी : प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी रविवार को काशी के नमो घाट पर वायु सेना के भव्‍य हवाई प्रदर्शन के साक्षी बनें. पीएम पुलिस लाइन से सडक मार्ग से नमो घाट पहुंचे. वहीं, एयर शो की शुरुआत ‘काशी’ फॉर्मेशन से हुई. तीन किरण विमानों ने वी आकार के फॉर्मेशन में उड़ान भरी. विमानों के पीछे निकलती तिरंगे के रंगों वाली धुएं की धारियों ने गंगा के ऊपर आसमान को अलग रंग दे दिया. घाटों पर मौजूद दर्शकों ने एक साथ उड़ते विमानों को देखकर तालियां बजाईं. फॉर्मेशन का नाम काशी की पहचान से जुड़ा होने के कारण यह प्रदर्शन स्थानीय दर्शकों के लिए खास मायने रखता था. विमान तय दूरी बनाए रखते हुए आगे बढ़े और उनकी समन्वित उड़ान ने हवाई प्रदर्शन की शुरुआत का संकेत दिया. घाटों और दूसरी ओर गंगा पार रामनगर से लोग आसमान में बनती आकृति को देखते रहे. तिरंगे की धारियां दिखाई देने पर दर्शकों की निगाहें विमानों के पीछे बन रही रंगीन रेखाओं पर टिक गईं.सूर्यक‍िरण व‍िमानों के प्रदर्शन के साथ ही वाराणसी का एयर शो समाप्‍त हुआ. नौ सूर्यक‍िरण व‍िमानों ने आयोजन के आख‍िरी पलों को यादगार बना द‍िया. आसमान में ति‍रंगा फार्मेंशन करते हुए आसमान को त‍िरंगे से रंग द‍िया. व‍िमानों के फार्मेशन ने आसमान में त‍िरंगा बनाया तो दर्शक उत्‍साह‍ित नजर आए. सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम ने अपने समन्वित हवाई करतब प्रस्तुत किए. समूह में उड़ते विमानों ने गंगा के ऊपर आकृतियां बनाईं और रंगीन धुएं से आसमान में तिरंगे की छटा उभरी. नीचे घाटों और नदी के दूसरे किनारे मौजूद दर्शकों ने आसमान की ओर देखकर तालियां बजाईं. सूर्यकिरण टीम का प्रदर्शन एयर शो के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहा.काकपिट से गूंजा शुभकामना संदेशइसके पूर्व व‍िमान के कॉकप‍िट से काशी के सभी लोगों के भारतीय वायुसेना की ओर से हार्द‍िक शुभकामना का संदेश भी गूंजा. नमो घाट पर पीएम मोदी ने करीब एक घंटे तक वायु सेना का शौर्य देखा. इसके बाद वायु सेना के चीफ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया. इस दौरान रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, सीएम योगी आदित्यनाथ व राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी मौजूद रहीं. नमो घाट पर एयर शो के दौरान वायुसेना का शौर्य देखने के लिए पीएम मोदी की नजरें आसमान में टिकी रहींं. इस दौरान गंगा की लहरों और काशी के आसमान में वामानों ने अपने करतब दिखाए तो गंगा घाटों पर मौजूद लोगों का उत्साह बढ़ता ही गया. कड़ी धूप के बीच भी लोग अड़े रहे.सुखोई, राफेल और तेजस जैसे विमानों ने कलाबाजी दिखाई तो लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था. नमो घाट और आसपास के घाटों के साथ ही गंगा पार डोमरी घाट पर लाखों की संख्या में दर्शकों ने जमकर हूटिंग की. गंगा के ऊपर लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों के प्रदर्शन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. कार्यक्रम में भारतीय वायुसेना की क्षमता और साहस का प्रदर्शन किया गया.एयर शो पर वायुसेना का विशेष डाक टिकट जारीवायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने रविवार को वाराणसी में चल रहे भव्य एयर शो ‘विंग्स ओवर गंगा’ के अवसर पर विशेष डाक टिकट जारी किया. इस समारोह में वाराणसी की डाक प्रमुख भी मौजूद रहीं. एयर चीफ मार्शल ने इस मौके पर आम जनता के बीच जाकर लोगों से मुलाकात की और हाथ मिलाकर उनका उत्साह बढ़ाया.नमो घाट पर आयोजित इस कार्यक्रम में एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने भारतीय वायुसेना के 94वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित हवाई प्रदर्शन को यादगार बनाने के लिए डाक विभाग द्वारा तैयार किए गए स्मारक डाक टिकट का अनावरण किया।टिकट पर गंगा के ऊपर उड़ान भरते लड़ाकू विमानों और काशी की सांस्कृतिक छवि को दर्शाया गया है. समारोह में डाक विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्थानीय प्रशासन के प्रतिनिधि भी मौजूद थे. एयर चीफ मार्शल ने कहा कि यह डाक टिकट न केवल वायुसेना की शक्ति और कौशल का प्रतीक है, बल्कि काशी की पवित्र भूमि पर आयोजित इस ऐतिहासिक एयर शो को भी अमर बनाता है. उन्होंने डाक विभाग के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं में देशभक्ति और वायुसेना के प्रति आकर्षण जगाते हैं. समारोह के बाद एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने सुरक्षा घेरे से बाहर निकलकर घाट पर जमा लोगों से सीधे मुलाकात की. उन्होंने बच्चों और युवाओं से हाथ मिलाया, उनकी बातें सुनीं और उन्हें वायुसेना में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया. इस दौरान लोग एयर चीफ मार्शल के आसपास जमा हो गए और उनका जोरदार स्वागत किया. कई लोगों ने सेल्फी भी ली.ALSO READ : सेंट मैरी स्कूल के बाद 39 जीटीसी में तेंदुए की आहट, छावनी में दहशतइस बार जुटी ज्‍यादा भीड़रविवार की छुट्टी और प्रधानमंत्री की मौजूदगी ने वायु सेना के एयर शो को और भव्‍य बना दिया. एयर शो का आयोजन 22, 24 और 25 अक्‍टूबर को हुआ. अन्‍य दिनों की अपेक्षा आज ज्‍यादा लोग काशी के घाटों पर पहुंचे. कड़ी धूप के बावजूद लोगों के कदम पीछे नहीं हटे बल्कि डटे रहे. इस बार गंगा उस पार का नजारा भी दिव्‍य रहा. लाखों की संख्‍या में रेती पर लोग जुटे और हवाई प्रदर्शन देखकर रोमांचित हुए. लोग बनारसी अंदाज में एयर शो की कमेंट्री करते दिखाई पड़े.
सेंट मैरी स्कूल के बाद 39 जीटीसी में तेंदुए की आहट, छावनी में दहशत
सेंट मैरी स्कूल के बाद 39 जीटीसी में तेंदुए की आहट, छावनी में दहशत
वाराणसी : कैंट थाना क्षेत्र के छावनी स्थित सेंट मैरी स्कूल परिसर के बाद अब 39 गोरखा ट्रेनिंग सेंटर (जीटीसी) इलाके में भी उसके देखे जाने की चर्चा से दहशत फैल गई है. स्थानीय लोगों के मुताबिक, शनिवार देर रात करीब 9:30 बजे 39 जीटीसी क्षेत्र में तेंदुआ दिखाई दिया. परिसर में मौजूद दो सैन्य कर्मियों ने उसकी घेराबंदी कर पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वह चकमा देकर एक बार फिर भागने में सफल रहा. लगातार दूसरे स्थान पर जंगली जानवर दिखाई देने की सूचना से छावनी क्षेत्र के लोगों में भय का माहौल है. लोगों को आशंका है कि तेंदुआ आसपास की झाड़ियों या अन्य सुरक्षित स्थानों पर छिपा हो सकता है. हालांकि, 39 जीटीसी क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी की आधिकारिक पुष्टि अभी स्पष्ट नहीं है. हालांकि मार्निंग वॉक करने वालों ने दूरी बना ली है.ALSO READ : पुलिस लाइन से नमो घाट तक प्रधानमंत्री मोदी का रोड शो, हाथ हिलाकर किया अभिवादनगौरतलब है कि 22 अक्टूबर को सेंट मैरी स्कूल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे में एक बड़ा जंगली जानवर दिखाई देने के बाद तेंदुआ होने की आशंका जताई गई थी. इसके बाद वन विभाग और पुलिस की टीमों ने परिसर तथा आसपास के क्षेत्रों में तलाश की थी. हालांकि, तलाशी के दौरान तेंदुए के पंजों के निशान नहीं मिले थे और वन विभाग ने उसकी मौजूदगी की पुष्टि नहीं की थी. हालांकि वन विभाग की टीमें बराबर निगरानी कर रही हैं.
पुलिस लाइन से नमो घाट तक प्रधानमंत्री मोदी का रोड शो, हाथ हिलाकर किया अभिवादन
पुलिस लाइन से नमो घाट तक प्रधानमंत्री मोदी का रोड शो, हाथ हिलाकर किया अभिवादन
वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के वाराणसी आगमन पर रविवार को पुलिस लाइन से नमो घाट तक स्वागत का माहौल देखने को मिला. प्रधानमंत्री अरविंद मिल की इकाई का लोकार्पण के बाद हेलीकाप्‍टर से पुलिस लाइन पहुंचे. पुलिस लाइन से उनका काफिला सांस्कृतिक संकुल, चौकाघाट होते हुए नमो घाट की ओर रवाना हुआ. मार्ग में जगह-जगह स्वागत मंचों पर लोगों ने उनका स्‍वागत किया. प्रधानमंत्री ने भी सड़क किनारे मौजूद लोगों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया.प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए शहर के प्रमुख मार्गों को सजाया गया था. कई स्थानों पर स्वागत मंच बनाए गए थे. ढोल-नगाड़ों की गूंज, डमरू वादन और पुष्पवर्षा के बीच लोगों ने उनका स्वागत किया. मार्ग पर मौजूद लोगों में प्रधानमंत्री की एक झलक पाने को लेकर उत्साह दिखाई दिया. काशी की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को दर्शाने वाली प्रस्तुतियों ने स्वागत कार्यक्रम को विशेष रूप दिया. जय श्रीराम और हर हर महादेव के जयकारे भी लगे.ALSO READ : वाराणसी में पीएम मोदी ने अरविंद मिल की नई परिधान निर्माण इकाई का किया उद्घाटनप्रधानमंत्री के काफिले के गुजरने वाले मार्गों पर कई स्थानों पर स्वागत की व्यवस्था की गई थी. महिलाओं, युवाओं और भाजपा कार्यकर्ताओं ने तिरंगा व पार्टी के झंडे लेकर उनका अभिनंदन किया. इस दौरान शंखनाद और ‘हर-हर महादेव’ के उद्घोष भी सुनाई दिए. भदऊचुंगी के पास सड़क के दोनों ओर हजारों की संख्या में लोग प्रधानमंत्री की एक झलक पाने के लिए खड़े थे. समर्थकों का उत्साह देख पीएम मोदी ने अपनी कार रुकवाई और बाहर निकलकर हाथ हिलाते हुए लोगों का अभिवादन किया.प्रधानमंत्री का नमो घाट पहुंचने के बाद भारतीय वायुसेना के ‘विंग्स ओवर गंगा’ हवाई प्रदर्शन में शामिल होने का कार्यक्रम था. यह आयोजन भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में किया गया, जिसमें सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम सहित विभिन्न विमानों और हेलीकॉप्टरों ने हवाई करतब दिखाए.