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इंडिया पोस्ट का 120 देशों के साथ समझौता, निर्यातकों को सहूलियत

इंडिया पोस्ट का 120 देशों के साथ समझौता,  निर्यातकों को सहूलियत
Aug 27, 2025, 10:46 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी: डाक परिक्षेत्र वाराणसी के सभागार कक्ष में एक विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें व्यवसायिक ग्राहकों और डाक विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया. इस संवाद कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय और घरेलू डाक सेवाओं की कार्यप्रणाली से व्यापारियों को अवगत कराना और निर्यात बढ़ाने के लिए भारतीय डाक की सुविधाओं को प्राथमिकता देने पर चर्चा करना था. बैठक में विभिन्न व्यापा

रिक संगठनों, बैंकों के प्रतिनिधियों, स्व-रोजगार समूहों और स्थानीय कारोबारियों ने हिस्सा लिया. डाक विभाग की ओर से निर्यातकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं और सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी गई.


अंतरराष्ट्रीय अनुबंध और निर्यात केंद्र की सुविधा


बैठक में कर्नल विनोद कुमार, डाक परिक्षेत्र प्रमुख (पीएमजी) बनारस ने बताया कि इंडिया पोस्ट का समझौता दुनिया के 120 देशों के साथ है. इसके चलते भारत से निर्यातक व्यापारी अपने उत्पादों को आसानी से और सुरक्षित तरीके से विदेशों तक भेज सकते हैं. उन्होंने कहा कि "डाक निर्यात केंद्र" के जरिए कस्टम क्लीयरेंस और पार्सल की प्रक्रिया सरल हो जाती है. साथ ही, अधीक्षक स्तर पर निर्यातकों को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं. कर्नल विनोद ने यह भी उल्लेख किया कि स्टार्टअप यूनिट्स को बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि युवा उद्यमियों को रोजगार और व्यापार के अवसर मिल सकें.


महिला उद्यमियों की भागीदारी


बैठक में शामिल "आर्गेनिक वरदान" संस्था की संस्थापक स्वर्णा ने कहा कि उनकी संस्था शुद्ध और प्राकृतिक खाद्य पदार्थों के उत्पादन मंथ कार्य करती है। वे अपने उत्पादों, जैसे ऑर्गेनिक सत्तू और अन्य व्यंजन, को भारतीय डाक विभाग की मदद से विदेशी बाजारों तक पहुँचाना चाहती हैं।


किफायती दरों पर अंतरराष्ट्रीय सेवा


कर्नल विनोद ने बताया कि इंडिया पोस्ट की ITPS (International Tracked Packet Service) सुविधा के अंतर्गत मात्र डेढ़ हजार रुपये में एक किलो का पार्सल ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, जापान और इंग्लैंड जैसे देशों तक भेजा जा सकता है. वहीं, इंटरनेशनल स्पीडपोस्ट के जरिए 35 किलो तक का सामान 100 से अधिक देशों में भेजने की सुविधा उपलब्ध है.


कस्टम क्लीयरेंस और छूट की जानकारी


सहायक निदेशक अतुल (वाराणसी परिक्षेत्र) ने बताया कि डाक निर्यात केंद्र के माध्यम से कस्टम विभाग का क्लीयरेंस बहुत सरलता से हो जाता है. संजीव, जाँच इंस्पेक्टर, ने बताया कि अब लगभग सभी जिलों में डाक निर्यात केंद्र सक्रिय हैं और निर्यातक वहां से सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं. इंटरनेशनल बिजनेस सेंटर (वाराणसी कैंट) की इंचार्ज सुश्री रुचि ने जानकारी दी कि AMS (Air Mail Service) के अंतर्गत निर्यात की मात्रा के अनुसार ग्राहकों को 16% तक का डिस्काउंट दिया जाता है. साथ ही, यदि किसी कारणवश आर्टिकल का नुकसान होता है तो ग्राहकों को मुआवज़ा भी प्रदान किया जाता है.


समस्याओं और समाधान पर चर्चा


बैठक में व्यवसायिक ग्राहकों ने अंतरराष्ट्रीय डाक सेवाओं में आने वाली चुनौतियों जैसे डिलीवरी में देरी, ट्रैकिंग की दिक्कतें और कस्टम क्लीयरेंस से जुड़ी बाधाएँ सामने रखीं। डाक विभाग ने ग्राहकों से फीडबैक लिया और सेवा सुधार के लिए रणनीतियाँ बनाने पर सहमति जताई.


बैठक का उद्देश्य


इस संवाद कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य डाक विभाग और व्यवसायिक ग्राहकों के बीच सहयोग को और मजबूत बनाना, पारदर्शिता बढ़ाना तथा सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाना रहा.


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नशामुक्त भारत के संदेश के साथ BHU में निकली ‘संडे ऑन साइकिल’ रैली.
नशामुक्त भारत के संदेश के साथ BHU में निकली ‘संडे ऑन साइकिल’ रैली.
वाराणसी: नशामुक्त भारत अभियान के तहत रविवार को काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के तत्वावधान में ‘संडे ऑन साइकिल’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के जरिए युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने और नशामुक्त भारत का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।मालवीय भवन प्रांगण से कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने हरी झंडी दिखाकर साइकिल रैली को रवाना किया। इस दौरान विश्वविद्यालय के कुलसचिव राजन श्रीवास्तव, वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक, NSS स्वयंसेवक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।कार्यक्रम के दौरान कुलपति ने युवाओं से नशे से दूर रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा न केवल स्वयं नशे से बचें, बल्कि अपने आसपास के लोगों और समाज को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें। उन्होंने नशामुक्त समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।also read: विश्व आदिवासी दिवस पर बरेका में निकली भव्य शोभायात्रा, पारंपरिक वेशभूषा में दिखी संस्कृति की झलकसाइकिल रैली में शामिल प्रतिभागियों ने नशामुक्त भारत का संदेश लोगों तक पहुंचाया और युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया। रैली के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया।कार्यक्रम का समन्वयन काशी हिंदू विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम समन्वयक डॉ. स्वप्ना मीना ने किया। आयोजन में विश्वविद्यालय परिवार के साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की भागीदारी रही।
विश्व आदिवासी दिवस पर बरेका में निकली भव्य शोभायात्रा, पारंपरिक वेशभूषा में दिखी संस्कृति की झलक
विश्व आदिवासी दिवस पर बरेका में निकली भव्य शोभायात्रा, पारंपरिक वेशभूषा में दिखी संस्कृति की झलक
वाराणसी: विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में आदिवासी परिवार, बरेका के तत्वावधान में भव्य शोभायात्रा और सांस्कृतिक समारोह का आयोजन किया गया। आयोजन में आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, लोक परंपराओं और सामाजिक एकता की आकर्षक झलक देखने को मिली।शाम चार बजे बरेका सेंट जॉन स्कूल, गेट संख्या-2 से शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा कुंदन तिराहा और सूर्य सरोवर मार्ग होते हुए इंटर कॉलेज चौराहे पहुंची। यहां भगवान गौतम बुद्ध, जननायक बिरसा मुंडा और भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद शोभायात्रा पश्चिमी संस्थान, जलालीपट्टी पहुंचकर संपन्न हुई।शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, युवा और बच्चे पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा में शामिल हुए। रंग-बिरंगे परिधानों के साथ पारंपरिक गीत-संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्साह और उल्लास से भर दिया। रास्ते में स्थानीय लोगों ने भी शोभायात्रा का उत्साहपूर्वक स्वागत किया।पश्चिमी संस्थान, जलालीपट्टी में आयोजित सांस्कृतिक समारोह में आदिवासी समाज की विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। वक्ताओं ने आदिवासी समुदाय की समृद्ध परंपराओं और प्रकृति के साथ उनके गहरे जुड़ाव को रेखांकित किया। उन्होंने सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने की जरूरत पर भी जोर दिया।also read: श्रावण में भास्करा पोखरा पर पुलिस अलर्ट, गहरे पानी में जाने से बचने की अपीलकार्यक्रम के दौरान सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का संदेश दिया गया। आयोजन में बरेका के अधिकारी, कर्मचारी, उनके परिजन, आदिवासी महिला समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।इस अवसर पर सहायक कार्मिक अधिकारी (कर्मशाला) पीयूष मिंज, जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार, आरपीएफ इंस्पेक्टर प्रमोद लकड़ा, पूर्व संयुक्त सचिव बरेका अमर सिंह, कालू मांझी सहित आदिवासी परिवार बरेका के सुदर्शन उरांव, दिलीप तिर्की, सुचित कुजूर, अजय कुमार तिर्की, संजीवन तिर्की और अजय तिग्गा मौजूद रहे। वहीं आदिवासी महिला समिति की सपना टोप्पो, तारा मैरी मिंज, प्रेमा लिली टोप्पो, अनुपमा और बंदना बारला सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।
श्रावण में भास्करा पोखरा पर पुलिस अलर्ट, गहरे पानी में जाने से बचने की अपील
श्रावण में भास्करा पोखरा पर पुलिस अलर्ट, गहरे पानी में जाने से बचने की अपील
वाराणसी: श्रावण माह में रोहनिया क्षेत्र स्थित भास्करा पोखरा में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की अनहोनी से बचाने के लिए पुलिस की ओर से लगातार जागरूक किया जा रहा है।एसीपी रोहनिया अवधेश विश्वकर्मा ने भास्करा पोखरा पहुंचने वाले श्रद्धालुओं से अपील की कि वे निर्धारित और सुरक्षित स्थान पर ही स्नान करें। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु किसी भी स्थिति में गहरे पानी में न जाएं और सुरक्षा मानकों की अनदेखी न करें।also read: आँसुओं, आक्रोश के बाद खुले आसमान के नीचे दालमंडीएसीपी ने खासतौर पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों को अकेले पानी के पास न जाने दें और स्नान के दौरान उन पर लगातार नजर बनाए रखें। थोड़ी सी लापरवाही गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।पुलिस प्रशासन की ओर से श्रावण माह के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे पुलिस के निर्देशों का पालन करें और धार्मिक आस्था के साथ अपनी सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखें। अधिकारियों का कहना है कि सामूहिक सहयोग और सतर्कता से ही श्रावण माह के आयोजनों को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सकता है।