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दशाश्वमेध घाट पर दिन में होगी गंगा आरती, 34 साल में 5वीं बार बदला समय

दशाश्वमेध घाट पर दिन में होगी गंगा आरती, 34 साल में 5वीं बार बदला समय
Sep 05, 2025, 07:29 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी: काशी के दशाश्वमेध घाट पर होने वाली विश्व प्रसिद्ध मां गंगा की आरती इस बार विशेष परिस्थितियों में दिन के समय कराई जाएगी. रविवार, 7 सितंबर को लगने वाले चंद्र ग्रहण को देखते हुए गंगा सेवा निधि ने आरती के समय में बदलाव किया है. तय कार्यक्रम के अनुसार मां गंगा की भव्य आरती दोपहर 12 बजे से प्रारंभ होकर ग्रहण के सूतक काल से पहले सम्पन्न कर दी जाएगी.


अध्यक्ष ने दी जानकारी


गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्र ने बताया कि परंपरा और धार्मिक मान्यताओं को ध्यान में रखते हुए आरती का समय बदला गया है. ग्रहण से पहले मां गंगा की आरती अपने परंपरागत वैदिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न कराई जाएगी. उन्होंने कहा कि पिछले 34 वर्षों में यह केवल पांचवीं बार है, जब दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती दिन में होगी.

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कब-कब बदला गया आरती का समय


इतिहास पर नजर डालें तो इससे पहले भी चंद्र या सूर्य ग्रहण के कारण आरती के समय में बदलाव किया गया था.


7 अगस्त 2017 को चंद्र ग्रहण के चलते दिन में आरती हुई थी.


27 जुलाई 2018 को भी चंद्र ग्रहण की वजह से आरती दोपहर में कराई गई.


16 जुलाई 2019 को एक बार फिर यही परंपरा निभाई गई.


28 अक्टूबर 2023 को भी ग्रहण की स्थिति में गंगा आरती दोपहर में सम्पन्न कराई गई थी.


इसी क्रम में अब 7 सितंबर 2025 को पांचवीं बार दिन में गंगा आरती कराई जाएगी.


बढ़े जलस्तर के बीच हो रही आरती


गौरतलब है कि इन दिनों गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ा हुआ है. इसी कारण मां गंगा की आरती दशाश्वमेध घाट की सीढ़ियों पर न होकर ऊपर बने छत पर सम्पन्न कराई जा रही है. इस व्यवस्था के बावजूद हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु देश-विदेश से पहुंचकर गंगा आरती का दिव्य दर्शन कर रहे हैं.

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क्यों बदलता है आरती का समय?


हिंदू परंपरा के अनुसार ग्रहण काल और सूतक काल में धार्मिक अनुष्ठान व पूजा-अर्चना नहीं की जाती है, ऐसे में दशाश्वमेध घाट पर होने वाली विश्व प्रसिद्ध काशी की गंगा आरती, जो काशी की पहचान बन चुकी है, ग्रहण के समय स्थगित न हो, इसलिए इसे पहले ही सम्पन्न कर लिया जायेगा. इस बार का आयोजन श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखेगा, क्योंकि वर्षों बाद दिन में मां गंगा की आरती का अद्भुत नजारा देखने को मिलेगा.

वाराणसी में गंगा दशहरा पर घाटों पर उमड़ा आस्‍था का सैलाब, लगाई पुण्‍य की डुबकी...
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वाराणसी : गंगा दशहरा के पुण्‍य अवसर पर मंगलवार का भी योग रहा तो पुण्‍य की डुबकी लगाने के लिए आस्‍था का सैलाब उमड़ पड़ा. आस्‍थावानों से काशी का गंगा तट सुबह सूर्योदय के साथ ही पट गया. भक्‍तों ने पुण्‍य की डुबकी लगाई, दान किया और बाबा दरबार की ओर कदम बढ़ चले.भक्‍तों ने आस्‍था पथ पर पुण्‍य की कामना से जरूरतमंदों को दान कर मां गंगा से मनुहार किया. दोपहर तक लगातार आस्‍थावानों की कतार गंगा के तट पर लगी रही. हर हर गंगे का उद्घोष और बाबा दरबार में काशी व‍िश्‍वनाथ गंगे का मान नजर आया. गंगा के अवतरण दिवस गंगा दशहरा पर नमामि गंगे ने दशाश्वमेध घाट पर अविरल गंगा-निर्मल गंगा की कामना से दुग्धाभिषेक किया. सनातनी संस्कृति का प्रवाह मां गंगा की आरती उतारी गई. शपथ लेकर जन भागीदारी सुनिश्चित करने का आवाह्न किया गया.भाजपा विधायक नीलकंठ तिवारी ने बटुकों संग गंगा का दुग्‍धाभिषेक किया. नमामि गंगे टीम के महिला और पुरुष सदस्यों ने गंगा तलहटी की सफाई कर लोगों से गंदगी न करने की अपील की. लाउडस्पीकर और स्वच्छता स्लोगन लिखी तख्तियों के द्वारा घाटों पर लोगों को जागरूक किया गया. गंगा दशहरा स्नान के लिए उपस्थित हजारों लोगों को जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जन-भागीदारी सुनिश्चित करने का संकल्प दिलाया गया.नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर संयोजक राजेश शुक्ला ने कहा कि गंगा दशहरा उस दिन के सम्मान में धार्मिक आस्था के साथ मनाया जाता है जब देवी गंगा पृथ्वी पर आई थीं. राजा सगर के साठ हजार पुत्रों का उद्धार करने के लिए धरती पर आई गंगा तब से लेकर आज तक पृथ्वीवासियों को मुक्ति, शांति, आजीविका और आनंद प्रदान कर रही हैं.मां गंगा का अवतरण ज्येष्ठ शुक्ल दशमी, हस्त नक्षत्र, कन्या राशि, मिथुन लग्न में हुआ था. इसलिए ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को मां गंगा के धरा पर अवतरण दिवस गंगा दशहरा कहते हैं. इस बार यह पर्व 26 मई को मनाया जा रहा है. ख्यात ज्योतिषाचार्य पं. ऋषि द्विवेदी के अनुसार गंगा दशहरा इस वर्ष अपने आप में विशेष है. अधिकमास ज्येष्ठ की दशमी तिथि के संदर्भ में धर्मशास्त्र की आज्ञा है कि-‘ज्येष्ठ मलमासे सती तत्वैव दशहरा कार्या न तू शुद्धै’ अर्थात् ज्येष्ठ में मलमास होने पर दस पापों से मुक्ति का पर्व गंगा दशहरा पर्व मलमास में ही मनाया जाना चाहिए.ALSO READ : प्रेमी से शादी की जिद में युवती मोबाइल टावर पर चढ़ी, पुलिस ने समझाकर नीचे उतारा...गंगा तट से लेकर विश्‍वनाथ दरबार तक सुरक्षा के व्‍यापक बंदोबस्‍त किए गए हैं. गोदौलिया चौराहा और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन कैमरे के माध्यम से निगरानी अभियान चलाया गया. वाराणसी पुलिस की ड्रोन टीम ने नंदी चौक से गंगा के क्षेत्र तक सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन की स्थिति का जायजा लिया. वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष रूप से सक्रिय है. जल पुलिस और एनडीआरएफ के जवान भी गंगा में गश्‍त करते रहे.
प्रेमी से शादी की जिद में युवती मोबाइल टावर पर चढ़ी, पुलिस ने समझाकर नीचे उतारा...
प्रेमी से शादी की जिद में युवती मोबाइल टावर पर चढ़ी, पुलिस ने समझाकर नीचे उतारा...
वाराणसी : पानी टंकी, मोबाइल टावर पर चढ़कर अपनी मांग पूरी कराने का चलन बढ़ गया है. इस करतूत से जहां पुलिस के हाथ पैर फूलने लगते हैं वहीं लोगों को भी परेशानी का सामना करना पडता है. ऐसी ही एक घटना बड़ागांव थाना क्षेत्र के पश्चिमपुर अहरक गांव में सामने आई जहां आज मंगलवार की सुबह सात बजे एक 21 वर्षीय युवती द्वारा मोबाइल टावर पर चढ़ गई. घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया. युवती ने कहा कि यदि उसका प्रेमी उससे शादी नहीं करेगा, तो वह कूदकर आत्महत्या कर लेगी. इस घटना के बाद गांव में बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए और युवती को नीचे उतारने का प्रयास करने लगे. जब ग्रामीणों के प्रयास विफल रहे, तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी.सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और युवती को समझाने-बुझाने का प्रयास किया. पुलिस ने किसी तरह युवती को टावर से नीचे उतारकर अपने साथ थाने ले आई. इसके बाद दोनों पक्ष के परिजनों को भी थाने बुलाया गया. समाचार लिखे जाने तक लड़का और लड़की शादी के लिए तैयार हो गए थे, लेकिन दोनों के परिजनों के बीच वाद विवाद जारी था.जानकारी के अनुसार, युवती का प्रेम संबंध इसी थाना क्षेत्र के सनी विश्वकर्मा के साथ काफी समय से चल रहा था. लेकिन परिजनों के दबाव के कारण सनी शादी करने से इंकार करने लगा. इससे क्षुब्ध होकर युवती सुबह मोबाइल टावर पर चढ गई. पुलिस का कहना है कि लड़का और लड़की शादी के लिए राजी हो गए हैं, लेकिन अभी भी दोनों के परिजनों को समझाने का प्रयास जारी है.इस घटना ने गांव में चर्चा का विषय बना दिया है. ग्रामीणों का कहना है कि प्रेम संबंधों में परिवारों का दबाव कभी-कभी युवाओं को इस तरह के कदम उठाने के लिए मजबूर कर देता है. पुलिस ने भी इस मामले में संवेदनशीलता दिखाई और युवती को सुरक्षित रूप से नीचे उतारने में सफल रही.स्थानीय पुलिस ने बताया कि युवती की मानसिक स्थिति को देखते हुए उसे समझाने का प्रयास किया गया. दोनों परिवारों के बीच अभी भी कुछ मतभेद हैं, जिन्हें सुलझाने की कोशिश की जा रही है. गांव के लोगों का मानना है कि प्रेम विवाह को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है. इस तरह की घटनाएं केवल व्यक्तिगत नहीं होतीं, बल्कि समाज के लिए भी एक संदेश देती हैं. पुलिस ने इस मामले में आगे की कार्रवाई करते हुए दोनों परिवारों के बीच संवाद स्थापित करने का प्रयास किया है.ALSO READ : वाराणसी में कैब चालक ने महिला यात्री से की छेड़खानी, केस दर्ज कर पुलिस तलाश में जुटी...पुलिस का कहना है कि वे चाहते हैं कि दोनों परिवार इस रिश्ते को स्वीकार करें और युवती और उसके प्रेमी को एक खुशहाल जीवन जीने का अवसर दें. बतादें कि पिछले दिनों शिवपुर क्षेत्र में एक युवती भी प्रेमी से शादी की जिद में पानीटंकी पर चढ गई थी. हालांकि प्रेमी के आने पर वह नीचे उतर गई थी.
वाराणसी में कैब चालक ने महिला यात्री से की छेड़खानी, केस दर्ज कर पुलिस तलाश में जुटी...
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वाराणसी : शहर में रैपिडो चालक द्वारा महिला यात्री के साथ छेड़खानी की असहज करने वाली घटना सामने आई है. पीड़‍िता ने बताया क‍ि दुस्साहसी चालक ने एक नहीं कई बार गंदे तरीके से उसके घुटने से ऊपर के हिस्से को छूने की कोशिश की, जिससे वह भयग्रस्‍त हो गई. दहशत में आई युवती ने राइड के बाद खुद को संभाला और आरोप‍ित कैब चालक के खिलाफ थाना भेलूपुर में मुकदमा दर्ज कराया है. पुलिस मामले की जानकारी सामने आने के बाद पीड़ित महिला यात्री के पास उपलब्ध तथ्यों के जरिए कैब चालक की पहचान करने में जुट गई है, ताकि उसकी गिरफ्तारी की जा सके.पुलिस को दी गई तहरीर में पीड़ित महिला ने बताया कि वह 24 मई को गुरुबाग से महाबीर मंदिर (अर्दली बाजार) के लिए कैब बुक की थी. चालक उनको गाड़ी में बैठाकर चलने के कुछ देर बाद ही छेड़खानी शुरू कर दी. पीड़िता ने तहरीर में बताया कि वह रैपिडो जैसे विशेष पहचान रखने वाली कंपनी के चालक की हरकत से असहज महसूस करने लगी. सहायक पुलिस आयुक्त गौरव कुमार ने बताया कि तहरीर मिलते ही केस दर्ज किया गया है. आरोपित चालक का ब्योरा रैपिडो कंपनी से मांगा गया है. घटनाक्रम में पुलिस जल्द ही आरोप‍ित की गिरफ्तारी करेगी.महिला ने अपनी तहरीर में यह भी उल्लेख किया कि जब वह गाड़ी में बैठी थी, तब चालक ने उसे असहज करने वाली हरकतें की. यह घटना उस समय हुई जब वह अपने गंतव्य की ओर जा रही थी. पीड़िता ने बताया कि चालक ने उसके घुटने से ऊपर के हिस्से को गलत तरीके से कई बार छूने की कोशिश की, जिससे वह अत्यंत भयभीत हो गई. इस घटना ने न केवल उसकी सुरक्षा को खतरे में डाला, बल्कि उसके मानसिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव डाला.ALSO READ : गंगा दशहरा के पावन अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में हुआ विशेष आयोजन…पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तहरीर के आधार पर मामला दर्ज किया और चालक की पहचान के लिए रैपिडो कंपनी से संपर्क किया. सहायक पुलिस आयुक्त गौरव कुमार ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं समाज में असुरक्षा का माहौल पैदा करती हैं और पुलिस इस मामले में गंभीरता से कार्रवाई करेगी. उन्होंने यह भी कहा कि पीड़ित महिला को न्याय दिलाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.