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राजसूत्र पीठ का कर्तव्यबोध श्रृंखला शुरू, राजस्थान से काशी पहुंचा 45 सदस्यीय टीम

राजसूत्र पीठ का कर्तव्यबोध श्रृंखला शुरू, राजस्थान से काशी पहुंचा 45 सदस्यीय टीम
Oct 26, 2025, 01:12 PM
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Posted By Gaandiv

वाराणसीः रक्त संबंधों को मजबूत करने, संस्कृति को जानने समझने और एक दूसरे के प्रति कर्तव्यबोध होने के लिए , शिक्षा और संस्कार को माध्यम बनाकर, कर्तव्यबोध श्रृंखला की शुरुआत की गई है. इसके तहत विद्यार्थियों को एक दूसरे प्रदेश में अपने धर्म संस्कृति , संस्कार और समाज को जानने के लिए यात्राएं आयोजित की जा रही हैं. इस यात्रा की पहली कड़ी में राजस्थान से क्षत्रिय छात्राओं ,शिक्षकों का 45 सदस्यों का एक दल तीन दिवसीय यात्रा पर अयोध्या के बाद काशी भ्रमण पर आया हुआ है. वाराणसी की राजसूत्र पीठ ट्रस्ट द्वारा इसका आयोजन किया गया है.


हल्दी घाटी की पवित्र मिट्टी को लेकर आए हैं पूर्वांचल में


जानकारी दी गई कि राज्स्थान से आए इस दल के लोग और बच्चे उस क्षेत्र के हैं जिसको जौहर और शाका के लिए जाना गया है. इस इलाके को हल्दी घाटी के युद्ध से पहचान मिली है ,और ये लोग उसी हल्दी घाटी की पवित्र मिट्टी को लेकर पूर्वांचल में आए हैं. दल के लोग धार्मिक शैक्षणिक भ्रमण के साथ अपने समाज के लोगों से मिलकर हल्दी घाटी की पवित्र मिट्टी को भेंट कर उन्हें कर्तव्य बोध करा रहे हैं


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आध्यात्म संग ली योग की दीक्षा


दल में शामिल छात्राएं अयोध्या में दर्शन पूजन के बाद वाराणसी पहुंची. यहां इन्होंने श्री काशी विश्वनाथ धाम, गंगा आरती, काशी हिंदू विश्वविद्यालय परिसर में पुस्तकालय के साथ IIT और मेडिकल कॉलेज भी गईं. इसके अलावा अस्सी घाट से सुबह बनारस का नजारा देखा और गंगा स्नान कर हवन भी किया , इसी क्रम में विश्वप्रसिद्ध स्वर्वेद मंदिर जाकर अध्यात्म और योग को दीक्षा ली और विश्व को शांति का संदेश देने वाले महात्म बुद्ध के प्रथम उपदेश स्थली सारनाथ जाकर देखा और क्षत्रियत्व को समझा कि क्षत्रिय युद्ध के लिए ही नहीं बल्कि दुनिया को शांति संदेश के लिए भी जाने जाते हैं.

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कर्तव्यबोध समारोह में हल्दी घाटी की मिट्टी को अर्पित की पुष्पांजलि


बताया कि तीन दिन की यात्रा के अंतिम सत्र के तहत कर्तव्यबोध समारोह में पहुंची, जहां पूर्वांचल के तमाम क्षत्रिय संगठनों के प्रतिनिधियों ने इस दल का स्वागत किया. इस अवसर क्षत्रिय समाज के लोगों ने हल्दी घाटी की मिट्टी को जहां पुष्पांजलि अर्पित की वहीं बच्चों को केसरिया दुपट्टा भेंट कर स्वागत किया. दल के लोगों ने इस मौके पर समाज के बड़े बुजुर्गों और युवाओं को हल्दी घाटी की मिट्टी भेंट कर उन्हें महाराणा के शौर्य की याद दिलाई.


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शिक्षा से ही हो सकता है बड़ा बदलावः पूर्व एमएलसी


इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पूर्व विधान परिषद सदस्य चेतनारायण सिंह ने अपने आशीर्वाद संबोधन में छात्राओं को शिक्षा की ताकत का बोध कराया. सचेत किया कि बड़ा बदलाव शिक्षा से ही हो सकता है. इस दौरान तमाम संगठन के लोगों ने भी बच्चों को आशीर्वाद दिया.


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इनकी रही विशेष उपस्थिति


इस अवसर पर राजसूत्र पीठ के ट्रस्टी राहुल सिंह ,राजेश कुमार सिंह, दिग्विंदु मणि, कुश प्रताप सिंह ,रोहित सिंह, राजस्थान के शिक्षक भंवर सिंह और शिक्षिका मंजू राठौर ने लोगों का स्वागत किया और आगामी आयोजन के बारे में जानकारी दी. बताया कि इस श्रृंखला के तहत हम दिसंबर के अंतिम सप्ताह पूर्वांचल के छात्रों को लेकर राजस्थान को ऐतिहासिक धरोहरों को जानने समझने और जौहर देश की मिट्टी को साष्टांग प्रणाम करने काशी का गंगाजल लेकर जाएंगे.

नशामुक्त भारत के संदेश के साथ BHU में निकली ‘संडे ऑन साइकिल’ रैली.
नशामुक्त भारत के संदेश के साथ BHU में निकली ‘संडे ऑन साइकिल’ रैली.
वाराणसी: नशामुक्त भारत अभियान के तहत रविवार को काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के तत्वावधान में ‘संडे ऑन साइकिल’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के जरिए युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने और नशामुक्त भारत का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।मालवीय भवन प्रांगण से कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने हरी झंडी दिखाकर साइकिल रैली को रवाना किया। इस दौरान विश्वविद्यालय के कुलसचिव राजन श्रीवास्तव, वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक, NSS स्वयंसेवक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।कार्यक्रम के दौरान कुलपति ने युवाओं से नशे से दूर रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा न केवल स्वयं नशे से बचें, बल्कि अपने आसपास के लोगों और समाज को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें। उन्होंने नशामुक्त समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।also read: विश्व आदिवासी दिवस पर बरेका में निकली भव्य शोभायात्रा, पारंपरिक वेशभूषा में दिखी संस्कृति की झलकसाइकिल रैली में शामिल प्रतिभागियों ने नशामुक्त भारत का संदेश लोगों तक पहुंचाया और युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया। रैली के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया।कार्यक्रम का समन्वयन काशी हिंदू विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम समन्वयक डॉ. स्वप्ना मीना ने किया। आयोजन में विश्वविद्यालय परिवार के साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की भागीदारी रही।
विश्व आदिवासी दिवस पर बरेका में निकली भव्य शोभायात्रा, पारंपरिक वेशभूषा में दिखी संस्कृति की झलक
विश्व आदिवासी दिवस पर बरेका में निकली भव्य शोभायात्रा, पारंपरिक वेशभूषा में दिखी संस्कृति की झलक
वाराणसी: विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में आदिवासी परिवार, बरेका के तत्वावधान में भव्य शोभायात्रा और सांस्कृतिक समारोह का आयोजन किया गया। आयोजन में आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, लोक परंपराओं और सामाजिक एकता की आकर्षक झलक देखने को मिली।शाम चार बजे बरेका सेंट जॉन स्कूल, गेट संख्या-2 से शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा कुंदन तिराहा और सूर्य सरोवर मार्ग होते हुए इंटर कॉलेज चौराहे पहुंची। यहां भगवान गौतम बुद्ध, जननायक बिरसा मुंडा और भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद शोभायात्रा पश्चिमी संस्थान, जलालीपट्टी पहुंचकर संपन्न हुई।शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, युवा और बच्चे पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा में शामिल हुए। रंग-बिरंगे परिधानों के साथ पारंपरिक गीत-संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्साह और उल्लास से भर दिया। रास्ते में स्थानीय लोगों ने भी शोभायात्रा का उत्साहपूर्वक स्वागत किया।पश्चिमी संस्थान, जलालीपट्टी में आयोजित सांस्कृतिक समारोह में आदिवासी समाज की विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। वक्ताओं ने आदिवासी समुदाय की समृद्ध परंपराओं और प्रकृति के साथ उनके गहरे जुड़ाव को रेखांकित किया। उन्होंने सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने की जरूरत पर भी जोर दिया।also read: श्रावण में भास्करा पोखरा पर पुलिस अलर्ट, गहरे पानी में जाने से बचने की अपीलकार्यक्रम के दौरान सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का संदेश दिया गया। आयोजन में बरेका के अधिकारी, कर्मचारी, उनके परिजन, आदिवासी महिला समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।इस अवसर पर सहायक कार्मिक अधिकारी (कर्मशाला) पीयूष मिंज, जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार, आरपीएफ इंस्पेक्टर प्रमोद लकड़ा, पूर्व संयुक्त सचिव बरेका अमर सिंह, कालू मांझी सहित आदिवासी परिवार बरेका के सुदर्शन उरांव, दिलीप तिर्की, सुचित कुजूर, अजय कुमार तिर्की, संजीवन तिर्की और अजय तिग्गा मौजूद रहे। वहीं आदिवासी महिला समिति की सपना टोप्पो, तारा मैरी मिंज, प्रेमा लिली टोप्पो, अनुपमा और बंदना बारला सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।
श्रावण में भास्करा पोखरा पर पुलिस अलर्ट, गहरे पानी में जाने से बचने की अपील
श्रावण में भास्करा पोखरा पर पुलिस अलर्ट, गहरे पानी में जाने से बचने की अपील
वाराणसी: श्रावण माह में रोहनिया क्षेत्र स्थित भास्करा पोखरा में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की अनहोनी से बचाने के लिए पुलिस की ओर से लगातार जागरूक किया जा रहा है।एसीपी रोहनिया अवधेश विश्वकर्मा ने भास्करा पोखरा पहुंचने वाले श्रद्धालुओं से अपील की कि वे निर्धारित और सुरक्षित स्थान पर ही स्नान करें। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु किसी भी स्थिति में गहरे पानी में न जाएं और सुरक्षा मानकों की अनदेखी न करें।also read: आँसुओं, आक्रोश के बाद खुले आसमान के नीचे दालमंडीएसीपी ने खासतौर पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों को अकेले पानी के पास न जाने दें और स्नान के दौरान उन पर लगातार नजर बनाए रखें। थोड़ी सी लापरवाही गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।पुलिस प्रशासन की ओर से श्रावण माह के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे पुलिस के निर्देशों का पालन करें और धार्मिक आस्था के साथ अपनी सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखें। अधिकारियों का कहना है कि सामूहिक सहयोग और सतर्कता से ही श्रावण माह के आयोजनों को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सकता है।