Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

उत्साह संग शिक्षकों को किया गया सम्मानित

उत्साह संग शिक्षकों को किया गया सम्मानित
Sep 05, 2025, 08:25 AM
|
Posted By Gaandiv

वाराणसी: आध्यात्मिक और शैक्षणिक नगरी वाराणसी में भी आज शिक्षक दिवस श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया. विद्यालयों से लेकर विश्वविद्यालयों तक विशेष कार्यक्रम आयोजित हुए. विद्यार्थियों ने अपने गुरुजनों को पुष्प, उपहार और अभिनंदन पत्र देकर सम्मानित किया. कई संस्थानों में शिक्षकों को उनके आजीवन योगदान के लिए विशेष रूप से सम्मानित भी किया गया.


we


डॉ. राधाकृष्णन से शुरू हुई परंपरा


भारत में शिक्षक दिवस मनाने की परंपरा 1962 से शुरू हुई. इसी वर्ष देश के महान दार्शनिक और विद्वान डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राष्ट्रपति बने थे. जब उनके शिष्यों और मित्रों ने उनके जन्मदिन पर उत्सव मनाने की इच्छा जताई तो उन्होंने कहा कि इस दिन को उनके लिए नहीं, बल्कि सभी शिक्षकों को समर्पित दिवस के रूप में मनाया जाए. तभी से 5 सितंबर शिक्षक दिवस के रूप में इतिहास में दर्ज हो गया.


w


ALSO READ: दशाश्वमेध घाट पर दिन में होगी गंगा आरती, 34 साल में 5वीं बार बदला समय


वाराणसी में हुआ भव्य आयोजन


शिक्षक दिवस पर वाराणसी के विभिन्न विद्यालयों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में सम्मान समारोह आयोजित किए गए. विद्यार्थियों ने नृत्य, गीत, कविताओं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से शिक्षकों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की. कई स्थानों पर वरिष्ठ शिक्षकों को आजीवन योगदान के लिए सम्मानित किया गया, जिससे समारोह और भी विशेष बन गया.


d


भारतीय संस्कृति में गुरु का सर्वोच्च स्थान


वेद-उपनिषद से लेकर संत परंपरा तक, भारतीय संस्कृति में गुरु को ईश्वर से भी महान बताया गया है।

"गुरु ब्रह्मा गुरु विष्णु गुरु देवो महेश्वरः।

गुरुः साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः॥"

यह श्लोक स्पष्ट करता है कि गुरु ही सृष्टि के रचयिता, पालनकर्ता और संहारकर्ता माने जाते हैं। संत कबीरदास ने भी गुरु को ईश्वर से बड़ा बताया –

"गुरु गोविंद दोउ खड़े, काके लागूँ पाय.

बलिहारी गुरु आपणे, जिन गोविंद दियो बताय॥"


t


गुरुकुल से आधुनिक शिक्षा तक


प्राचीन समय में गुरु केवल शिष्य के जीवन का निर्माता होता था, वहीं आज का शिक्षक समाज की सामूहिक चेतना का मार्गदर्शक है. फर्क भले हो, लेकिन दोनों की भूमिका अमूल्य है.गुरुकुल परंपरा में शिक्षा का अर्थ केवल ज्ञान नहीं, बल्कि अनुशासन, संस्कार, समाज सेवा और जीवन जीने की कला था. वहीं आधुनिक शिक्षा में तकनीक और डिजिटल साधनों का उपयोग बढ़ गया है, फिर भी नैतिक मूल्यों और जिम्मेदार नागरिक बनाने का दायित्व आज भी शिक्षक ही निभा रहे हैं.


j


तकनीकी युग में भी शिक्षक का महत्व बरकरार


ऑनलाइन कक्षाएँ, स्मार्ट बोर्ड और डिजिटल शिक्षा ने शिक्षण पद्धति बदल दी है, लेकिन शिक्षा का वास्तविक स्वरूप अब भी शिक्षक के बिना अधूरा है. वे केवल ज्ञान ही नहीं देते बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं और उन्हें जीवन के आदर्श पथ पर अग्रसर करते हैं. इसलिए कहा जा सकता है कि शिक्षक दिवस केवल एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि यह अवसर गुरुजनों के योगदान को नमन करने और शिक्षा के महत्व को समझने का प्रतीक है.

वाराणसी में रफ्तार का कहर, अलग-अलग सडक हादसों में तीन की मौत
वाराणसी में रफ्तार का कहर, अलग-अलग सडक हादसों में तीन की मौत
वाराणसी: बड़ागांव थाना क्षेत्र के बड़ागांव-बसनी मार्ग पर भाजपा जन सहयोग कार्यालय के पास तेज रफ्तार कार ने पेट्रोल पंप से निकल रहे बाइक सवारों को टक्कर मार दी. इसके बाद अनियंत्रित कार एक साइकिल सवार को टक्कर मारते हुए सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई. हादसे में बाइक सवार नंदापुर निवासी सुनील पाल, डिघिया कृष्णापुर निवासी मनोज पटेल व साइकिल सवार मदनपुर निवासी रिजवान मंसूरी उर्फ मुन्ना साथ ही कार चालक डॉ. इरफान अली घायल हो गए. पुलिस ने सभी को बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर भिजवाया जहां, इलाज के दौरान सुनील पाल और साइकिल सवार रिजवान उर्फ मुन्ना की मौत हो गई.यह भी पढ़ें: डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- तेल की सप्लाई रुकने पर ईरान की तबाही तय, फिर करेंगे हमलापुलिस के अनुसार, जंसा थाना क्षेत्र के हरसोस गांव निवासी डॉ. इरफान अली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेलखरनाथ प्रतापगढ़ में अधीक्षक हैं. मंगलवार को अपनी कार से ड्यूटी पर जा रहे थे. इसी दौरान पेट्रोल पंप से तेल भरवाकर निकल रहे बाइक सवार मनोज पटेल (30) निवासी डिघिया कृष्णापुर और सुनील पाल निवासी नंदापुर को कार ने टक्कर मार दी.परिजनों में मचा कोहरामटक्कर के बाद कार अनियंत्रित होकर आगे बढ़ी और साइकिल सवार रिजवान मंसूरी उर्फ मुन्ना को भी अपनी चपेट में ले लिया. सड़क किनारे पेड़ से कार जा टकराई. सुनील निजी विद्यालय में प्रधानाध्यापक थे. रिजवान उर्फ मुन्ना फर्नीचर (कारपेंटर) का काम करते थे. सुनील के साथ रहा मनोज पटेल उसी विद्यालय में वाहन चालक है. थाना प्रभारी प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि प्रकरण की जांच की जा रही है. घटना स्थल पर लगे सीसी कैमरों की जांच की गई.सड़क दुर्घटना में घायल वृद्ध की सात दिन बाद मौत लोहता थाना क्षेत्र के छितौनी गांव निवासी सलटू पाल (70) की सड़क दुर्घटना में घायल होने के एक सप्ताह बाद मंगलवार को उपचार के दौरान मौत हो गई. सलटू पाल 4 मार्च को भरथरा से दवा लेकर घर लौट रहे थे. तेज रफ्तार बाइक सवार ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे. परिजनों ने उन्हें ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया था. थाना प्रभारी राजबहादुर मौर्य ने बताया कि तहरीर मिलने पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी. जांच की जा रही है.
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- तेल की सप्लाई रुकने पर ईरान की तबाही तय, फिर करेंगे हमला
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- तेल की सप्लाई रुकने पर ईरान की तबाही तय, फिर करेंगे हमला
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को तेल की सप्लाई रोकने के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी है. ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान होरमुज जलडमरूमध्य में तेल की सप्लाई रोकने की कोशिश या फिर किसी भी तरह की साजिश की तो उसे बख्शा नहीं बल्कि उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. ये कार्रवाई अब तक की हुए हमलों से भी कई गुना खतरनाक होगी, जिसका अंदाजा भी ईरान नहीं लगा सकता है. अगर मेरी इन बातों का जरा भी अनसुना कर ईरान ने कुछ भी कदम उठाया तो उसकी खैर नहीं, क्योंकि कुछ भी हो जाए होर्मुज स्ट्रेट में तेल की सप्लाई रूकनी नहीं चाहिए. फिलहाल, मैं दुआ करता हूं, कि ईरान मुझे ऐसा करने पर मजबूर ना करें.ट्रंप ने कहा- तबाही का कहर बरपेगावहीं अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल पर जारी पोस्ट में कहा, "अगर होर्मुज स्ट्रेट में तेल की सप्लाई रूकी तो हम ऐसे ठिकानों को आसानी से तबाह कर देंगे कि ईरान के लिए एक देश के तौर पर दोबारा खड़ा होना लगभग नामुमकिन हो जाएगा. उन पर मौत, आग और तबाही का कहर बरपेगा. लेकिन मुझे उम्मीद है और मैं दुआ करता हूं, कि ऐसा न हो!”यह भी पढ़ें: काशी भम्रण पर पहुंचा त्रिपुरा के पत्रकारों का दल, EIVR का किया भ्रमणइसी के आगे उन्होंने इस चेतावनी को इंटरनेशनल कॉमर्स को बचाने के कदम के तौर पर बताया, खास तौर पर इस बात पर जोर दिया कि ऐसी स्टेबिलिटी बीजिंग समेत बड़ी ग्लोबल इकॉनमी के हितों को कैसे पूरा करेगी. "यह यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका की तरफ से चीन और उन सभी देशों को एक तोहफा है जो होर्मुज स्ट्रेट का बहुत ज्यादा इस्तेमाल करते हैं. उम्मीद है, यह एक ऐसा इशारा है जिसकी बहुत तारीफ की जाएगी."लड़ाई खत्म होने का दावाअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ छिड़ी जंग को लेकर कहा कि, ईरान के साथ चल रही ये "लड़ाई पूरी तरह से खत्म हो चुकी है और तेहरान की डिफेंसिव और अटैकिंग क्षमताएँ पूरी तरह से खत्म हो गई हैं. इसकी वजह ये है कि ईरान की ताकत अब अमेरिका से लड़ने के लिए पूरी खत्म हो चुकी है, इतना ही नहीं, अमेरिका का सामना करने के लिए अब उसके पास कोई नेवी नहीं बची है, यहां तक की उसके पास कोई कम्युनिकेशन नहीं है, उनके पास कोई एयर फोर्स नहीं है. इसका मतलब साफ है कि अमेरिका ने ईरान को अब मुंहतोड़ जवाब देते हुए उसे कंगाल बना दिया है, ताकि वो दुबारा से अमेरिका और कई देशों का सामना करने से पहले दस बार अपनी गरीबी के बारे में सोचेगा.
काशी भम्रण पर पहुंचा त्रिपुरा के पत्रकारों का दल, EIVR
का किया भ्रमण
काशी भम्रण पर पहुंचा त्रिपुरा के पत्रकारों का दल, EIVR का किया भ्रमण
वाराणसी: त्रिपुरा के पत्रकारों का एक दल, प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) अगरतला की पहल पर वाराणसी भ्रमण के दौरान आज भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (आईआईवीआर) पहुँचा और संस्थान के निदेशक डॉ. राजेश कुमार से संवाद किया. पत्रकारों के इस दल का नेतृत्व श्री कृपाशंकर यादव, अतिरिक्त महानिदेशक, पीआईबी (उत्तर-पूर्व) ने किया. इस अवसर पर डॉ. राजेश कुमार ने उत्तर-पूर्वी पर्वतीय क्षेत्र, विशेषकर त्रिपुरा में सब्जी क्षेत्र की बढ़ती संभावनाओं पर प्रकाश डाला.उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र पोषण सुरक्षा, किसानों की आय वृद्धि और रोजगार सृजन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है. उन्होंने बताया कि उत्तर-पूर्वी क्षेत्र की अनुकूल जलवायु और विविध कृषि परिस्थितियाँ विभिन्न प्रकार की सब्जियों की खेती के लिए अत्यंत उपयुक्त हैं. उन्नत किस्मों, जलवायु-सहिष्णु तकनीकों तथा बेहतर उत्पादन प्रबंधन को अपनाकर क्षेत्र में सब्जी उत्पादन को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाया जा सकता है.यह भी पढ़ें: IIT और BHU में टेक्नेक्स, 20 हजार से लाखों तक के इनामनिदेशक ने यह भी बताया कि भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान द्वारा उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के लिए उपयुक्त सब्जी किस्मों के विकास, उत्पादन तकनीकों के प्रसार तथा किसानों एवं हितधारकों के क्षमता निर्माण के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि संस्थान त्रिपुरा सहित उत्तर-पूर्व के राज्यों में सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए वैज्ञानिक सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है. एनइएच क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास की गतिविधियों को संस्थान की ओर से संचालित किए जाने के प्रभारी डॉ राकेश कुमार दुबे ने पर प्रेजेंटेशन के माध्यम से किसानोपयोगी गतिविधियों की जानकारी प्रदान की.इस दौरान पत्रकारों ने बड़ी उत्सुकता के साथ संस्थान के वैज्ञानिकों से संवाद किया तथा त्रिपुरा में सब्जी उत्पादन की वर्तमान स्थिति, किसानों के समक्ष आने वाली चुनौतियों तथा इस क्षेत्र के विकास में आईआईवीआर की भूमिका से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे. अपने भ्रमण के दौरान पत्रकारों के दल ने संस्थान की विभिन्न अनुसंधान सुविधाओं का भी अवलोकन किया, जिनमें अनुसंधान फार्म, हाई-टेक नर्सरी तथा ब्रिमेटो/पोमेटो की प्रायोगिक फसलें शामिल थीं. इन नवाचारों में पत्रकारों ने विशेष रुचि दिखाई और वैज्ञानिकों से इनके संभावित उपयोग एवं भविष्य की संभावनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की. इस अवसर पर संस्थान के सभी विभागाध्यक्ष डॉ ए एन सिंह, डॉ अनंत बहादुर, पीएमई के अध्यक्ष डॉ एस के सिंह एवं अन्य वैज्ञानिक उपस्थित रहे.