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वाराणसी में बारिश के बाद गिरा पारा, ठंड ने पसारे पांव

वाराणसी में बारिश के बाद  गिरा पारा, ठंड ने पसारे पांव
Oct 28, 2025, 07:03 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी - जिले में मौसम लगातार बदल रहा है. उमस के बाद सोमवार की रात बार‍िश होने के बाद मौसम का रुख बदल गया. आधी रात के बाद बादल कम हुए तो आसमान साफ होने के बाद ठंड में इजाफा हुआ. हालांक‍ि मंगलवार की सुबह हल्‍के बादलों के बीच सूरज की रोशनी भी ख‍िली और ठंडी हवाओं ने स‍िहरन भी दी.

पूर्व-मध्य अरब सागर पर बने दाब के प्रभाव से पूर्वांचल में पूरे दिन बादल घिर रहे. शाम होते ही सात बजे से बेमौसम शुरू हुई रिमझिम वर्षा देर रात तक जारी रही. पूरे दिन सूर्य न निकलने के कारण दिन का अधिकतम तापमान ढाई से साढ़े तीन डिग्री सेल्सियस तक नीचे आ गया. लगभग आठ से 10 से 14 किमी प्रति घंटा तक चली हवा ने सिहरन पैदा कर दी.


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पूर्वानुमान के मुताबिक बारिश


हालांक‍ि मौसम व‍िभाग की ओर से पूर्व में ही बार‍िश की संभावना व्‍यक्‍त की गई थी. ल‍िहाजा अनुमान के अनुसार ही बार‍िश का रुख रहा है. जबक‍ि मौसम व‍िभाग ने आने वाले तीन द‍िनों में बादलों की आवाजाही और बूंदाबांदी का संकेत द‍िया है. माना जा रहा है क‍ि बार‍िश की संभावना बनी होने के बाद चक्रवातीय पर‍िस्‍थ‍ित‍ियों की वजह से बादलों की सक्र‍ियता आने वाले कुछ घंटों बाद दोबारा नजर आ सकती है. असर और व्‍यापक हुआ तो बूंदाबांदी का दौर जारी रह सकता है.


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तूफान से तापमान में गिरावट


बीते चौबीस घंटों में अध‍िकतम तापमान 30.0°C दर्ज क‍िया गया जो सामान्‍य से 2.4 ड‍िग्री कम रहा. न्‍यूनतम तापमान 20.0°C दर्ज क‍िया गया जो साामान्‍य से 2.2 ड‍िग्री अध‍िक रहा. इस दौरान 004.0mm बूंदाबांदी भी दर्ज की गई. जबक‍ि आर्द्रता न्‍यूनतम 76% और अध‍िकतम 77% दर्ज क‍िया गया. मौसम व‍िभाग द्वारा जारी चार्ट में तीन द‍िनों तक बादलों की सक्र‍ियता के संकेत हैं.


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पश्चिम-मध्य एवं संलग्न दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी पर सकेंद्रित चक्रवाती तूफान "मोंथा" और प्रबल होकर गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में 28 अक्टूबर की शाम/रात को आंध्र प्रदेश का तट पार करेगा. इसके बाद वह उत्तरोत्तर कमजोर होता जाएगा. इसके अवशेष के प्रभाव से 29-31अक्टूबर के बीच दक्षिणी एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश में झोंकेदार हवाओं के साथ हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है. मौसम विज्ञान विभाग के के अनुसार 30 अक्टूबर गुरुवार को पूर्वांचल के मिर्जापुर एवं वाराणसी मंडल के कुछ जिलों में भारी वर्षा होने की भी संभावना है. इस दौरान बादलों की आवाजाही के परिणामस्वरूप प्रदेश के अधिकतम तापमान में जहां जबरदस्त दैनिक उतार-चढ़ाव संभावित है, वहीं न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है.

नशे में धुत युवकों की बाइक डिवाइडर से जा टकराई, हादसे में एक की मौत
नशे में धुत युवकों की बाइक डिवाइडर से जा टकराई, हादसे में एक की मौत
Drunk youth's bike collided with a divider, one died in the accident.वाराणसी: कैंट थाना क्षेत्र के फुलवरिया फोरलेन पर शुक्रवार देर रात हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया. हादसा तेज रफ्तार और बाइक के अनियंत्रित होने के कारण हुआ. घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने दोनों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान एक युवक ने दम तोड़ दिया. दोनों युवकों के मुंह से शराब की तेज दुर्गंध आ रही थी.हादसे का शिकार हुई अनियंत्रित बाइक जानकारी के अनुसार घटना शुक्रवार रात करीब 9:30 बजे की है. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पल्सर बाइक पर सवार दो युवक तेज रफ्तार से फुलवरिया फोरलेन की ओर जा रहे थे. इसी दौरान अचानक बाइक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे बने डिवाइडर से जा टकराई. टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए. स्‍थानीय लोगों की सूचना पर कैंट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को उपचार के लिए बीएचयू ट्रॉमा सेंटर भिजवाया. अस्पताल में डॉक्टरों ने एक युवक को मृत घोषित कर दिया, जबकि दूसरे युवक की हालत गंभीर बनी हुई है. दोनों युवकों की उम्र लगभग 25 से 26 वर्ष बताई जा रही है.जांच में जुटी पुलिसपुलिस जांच में यह भी सामने आया कि घायलों को अस्पताल पहुंचाने के दौरान उनके मुंह से शराब की तेज गंध आ रही थी. ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि दोनों युवक नशे की हालत में बाइक चला रहे थे. फिलहाल पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है. फुलवरिया चौकी प्रभारी दीक्षा पांडेय ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त पल्सर बाइक का पंजीकरण संदीप कुमार पुत्र रमेश प्रसाद निवासी महेशपुर, मंडुवाडीह के नाम पर है.Also Read: बाल संरक्षण संस्थान के संवासियों का भविष्‍य संवारने में मदद करेगा BHU, हुआ समझौताबाइक पर अंकित नंबर और युवकों के पास से मिले क्षतिग्रस्त मोबाइल फोन के आधार पर उनकी पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा परिजनों से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है.
बाल संरक्षण संस्थान के संवासियों का भविष्‍य संवारने में मदद करेगा BHU, हुआ समझौता
बाल संरक्षण संस्थान के संवासियों का भविष्‍य संवारने में मदद करेगा BHU, हुआ समझौता
BHU will help in shaping the future of the inmates of the Child Protection Institute, an agreement has been reached.वाराणसी: रामनगर के बाल संरक्षण संस्थान के संवासियों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए बीएचयू जिला प्रशासन की मदद करेगा. बीएचयू अपनी विशेषज्ञता का इस्तेमाल कर मुश्किलों से गुजर कर आए बच्चों का भविष्य बनाएगा, वहीं अपने छात्रों को इंटर्नशिप भी कराएगा. शुक्रवार को बीएचयू के कुलपति आवास में महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ इस बाबत समझौता किया गया.जीवन कौशल के विकास के लिए सहयोग करेगा बीएचयू जिला जज संजीव शुक्ला और कुलपति प्रो. अजित चतुर्वेदी की मौजूदगी में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार और कुलसचिव प्रो. अरुण सिंह ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए. समझौते के तहत दोनों संस्थानों की पारस्परिक क्षमताओं के माध्यम से विकास के नए अवसरों को खोला जाएगा. रामनगर के बच्चों के शैक्षणिक, सांस्कृतिक, स्वास्थ्य और जीवन कौशल के विकास के लिए बीएचयू सहयोग करेगा.नेतृत्व क्षमता को विकसित करेगाकुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रभावित बच्चों को कौशल और नेतृत्व क्षमता को विकसित करेगा. उनके व्यक्तित्व को मजबूत बनाने के लिए कई नए कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे. एमओयू के तहत गतिविधियों का एक कैलेंडर तैयार किया जाएगा, जिससे नियमित रूप से कार्यक्रम हो सके. जिला जज संजीव शुक्ला ने सुझाव दिया कि इन केंद्रों में रह रही लड़कियों के विकास के लिए संगठित और संस्थागत प्रयास हो. डीएम सत्येंद्र कुमार ने कहा कि केंद्र में कई ऐसे बच्चे होते हैं, जिन्होंने कई विषम परिस्थितियों का सामना किया होता है. ऐसे में उनके व्यक्तित्व विकास और आत्मविश्वास निर्माण के लिए नई सोच की जरूरत है.कार्यशाला और रिसर्च प्रोजेक्ट होंगेएमओयू के तहत दोनों संस्थान गणित, विज्ञान और कंप्यूटर शिक्षा, प्रशिक्षण कार्यशालाओं के आयोजन, इंटर्नशिप अवसरों बनाने, रिसर्च प्रोजेक्ट के साथ साथ, खेल और शारीरिक विकास, कला, संस्कृति, जीवन कौशल और व्यक्तित्व विकास, स्वास्थ्य एवं पोषण, व्यवसायिक एवं डिजिटल शिक्षा, करियर मार्गदर्शन व भविष्य निर्माण के क्षेत्रों में पारस्परिक सहयोग करेंगे. बीएचयू की विशेषज्ञता से बाल संरक्षण संस्थानों के बच्चों के विकास के नए मार्ग खुलेंगे.Also Read: विदेशी संस्‍था ने भारत में पहली बार खोला बौद्ध सेंटर, इन छात्रों को मिलेगी स्कॉलरशिपवहीं, बाल संस्थानों में रह रहे बच्चों के साथ कार्य करने से विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को प्रायोगिक अनुभव, अनुसंधान आदि के अवसर प्राप्त होंगे. एमओयू के क्रियान्वयन की अगुवाई करने वाले विश्वविद्यालय क्रीड़ा परिषद के महासचिव प्रो. अनुपम कुमार नेमा, कौशल विकास प्रकोष्ठ के समन्वयक प्रो. एचपी शर्मा, प्रो. निशात अफरोज और शिक्षा संकाय की प्रो. अंजलि वाजपेयी मौजूद रहीं.
विदेशी संस्‍था ने भारत में पहली बार खोला बौद्ध सेंटर, इन छात्रों को मिलेगी स्कॉलरशिप
विदेशी संस्‍था ने भारत में पहली बार खोला बौद्ध सेंटर, इन छात्रों को मिलेगी स्कॉलरशिप
Foreign institution opens Buddhist center for the first time in India, these students will get scholarshipVaranasi News: वाराणसी में बीएचयू के पालि और बौद्ध अध्ययन विभाग में बीते शुक्रवार को महायान बौद्ध प्रैक्टिस सेंटर की स्थापना हुई. ऐसा पहली बार है कि विदेशी बौद्ध संस्था ने भारत में बौद्ध सेंटर खोला है. इसका पूरा नाम त्जूची महायान बौद्ध प्रैक्टिस सेंटर रखा गया है. इसे भारत में बौद्ध अध्ययन और अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि बताई जा रही है. बीएचयू में ताइवान की संस्थान ने पहली बार महायान बौद्ध प्रैक्टिस सेंटर तैयार किया. इस सेंटर के खुलने से बौद्ध अध्ययन और रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा, पहली बार किसी विदेशी बौद्ध संस्था ने भारत में प्रैक्टिस सेंटर खोला है. 10 विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप देने की घोषणा सेंटर बनने के बाद त्जूची फाउंडेशन ने विभाग के 10 विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप देने की घोषणा कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी की मौजूदगी में की. इस सेंटर में बौद्ध दर्शन, करुणा, माइंडफुलनेस, मानवीय मूल्यों और अंतर-सांस्कृतिक शैक्षणिक को बढ़ावा दिया जाएगा, कुलपति प्रो. चतुर्वेदी ने कहा कि यह केंद्र वैश्विक शैक्षणिक सहयोग को मजबूत करते हुए बौद्ध विरासत और मूल्यों के संजोएगा. केंद्र के माध्यम से थेरवाद और महायान बौद्ध साहित्य के प्रकाशन, अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों, कार्यशालाओं, व्याख्यानमालाओं, ध्यान कार्यक्रमों सहित कई शैक्षणिक गतिविधियां कराई जाएंगी. फाउंडेशन की उपाध्यक्ष पीयू लिन ने आज की दुनिया में दुख और अलगाव से सुरक्षित रखने वाले बौद्ध धर्म के मत को समझाया.Also Read: आज रात से एक जून तक आशापुर से पहड़िया की तरफ नहीं जाएंगे वाहन, वजह जान लेंविश्व की पीड़ा का समाधान दे सकती हैइस दौरान उन्होंने कहा कि बौद्ध धर्म की करुणा, मैत्री और मानव सेवा की शिक्षा आजकल विश्व की पीड़ा का समाधान दे सकती है, कार्यक्रम में 100 से ज्यादा विदेशी छात्र, भिक्षु, शोधार्थी और विद्यार्थियों ने महायान बौद्ध शिक्षा को जाना. धन्यवाद ज्ञापन विभागाध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार यादव ने किया. इस दौरान कला संकाय की अधिष्ठाता प्रो. सुषमा घिल्डियाल, अंतरराष्ट्रीय केंद्र के समन्वयक प्रो. राजेश सिंह, प्रो. सदाशिव द्विवेदी, प्रो. राकेश मैती, प्रो. डीके ओझा, विकास कुमार आदि मौजूद रहे.