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मिट्टी के बर्तन में रखा जल और बना भोजन स्‍वास्‍थ्‍य के लिए वरदान - एसएन संखवार

मिट्टी के बर्तन में रखा जल और बना भोजन स्‍वास्‍थ्‍य के लिए वरदान - एसएन संखवार
Nov 17, 2025, 07:53 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी - मृदापात्रों में रखा जल तथा मिट्टी के बर्तनों में बना भोजन स्वास्थ्य के लिए वरदान है. ऐसे में हमें प्लास्टिक का उपयोग छोड़कर मृदा पात्रों का उपयोग करना चाहिए. उक्त बातें चिकित्सा विज्ञान संस्थान, बीएचयू के निदेशक प्रो एसएन संखवार ने कही. वे प्राचीन भारतीय इतिहास संस्कृति एवं पुरातत्त्व विभाग में शताब्दी वर्ष के अन्तर्गत 10 नवंबर से आयोजित सात दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला "प्राचीन भारतीय मृदभांड एवं मृद्कला" के समापन समारोह के अवसर पर बोल रहे थे.


उन्होंने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि आयुर्वेद में मिट्टी से विभिन्न प्रकार के रोगों का इलाज सम्भव है. मिट्टी के बर्तनों में रखे जल तथा भोजन में स्वाभाविक रूप से विभिन्न प्रकार के खनिज तत्वों का मिश्रण होता है जो शरीर के लिए आवश्यक होते हैं. कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एमेरिटस प्रोफेसर विभा त्रिपाठी ने कहा कि प्राचीन मृदभांडो में इतिहास के कालक्रम को प्रभावित करने की क्षमता होती है.


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खाद्यव्‍यवहार निर्धारण में करते हैं मदद


मृदभांडों के आकार-प्रकार तात्कालिक लोगों के खाद्य व्यवहार निर्धारित करने में मदद करते हैं. विभागाध्यक्ष व कार्यशाला के संयोजक प्रो एमपी अहिरवार ने स्वागत उद्बोधन में शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की उपयोगिता और महत्व को रेखांकित किया. कार्यशाला की सह संयोजिका प्रो सुजाता गौतम ने कार्यशाला के विगत सात: दिनों के कार्यक्रमों तथा उपलब्धियों का संक्षिप्त विवरण प्रदान किया.

कार्यशाला में व्यावहारिक प्रयोग के लिए उत्तर प्रदेश सरकार से पुरस्कृत कला शिल्पी श्रीमान शिव प्रसाद व अनिल ने छात्रों को चाक पर मिट्टी से बर्तन, खिलौने, मूर्तियां, मनके आदि बनाने, सूखने, उनमें पॉलिश करने से लेकर पकाने की संपूर्ण प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया.


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देश विदेश के प्रतिभागी रहे शामिल


कार्यशाला में श्रीलंका, बांग्लादेश व नेपाल सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए कुल 74 प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किया गया. कुछ प्रतिभागियों ने कार्यशाला के अपने अनुभवों को साझा करते हुए कार्यशाला की गतिविधियों की प्रशंसा की. कार्यक्रम में मंच संचालन डॉ. विराग सोनटक्के तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. विकास कुमार सिंह ने किया. समापन समारोह में मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश बौद्ध संग्रहालय गोरखपुर के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. यशवंत सिंह राठौर, प्रो. अर्पिता चटर्जी, प्रो. जीके लामा, डॉ. प्रियंका सिंह, डॉ. प्रभाकर उपाध्याय, डॉ. राकेश यादव, डॉ. उमेश कुमार सिंह, डॉ. अभय कुमार, डॉ. सर्वेश कुमार, डॉ. प्राची विराग, डॉ. सचिन तिवारी, डॉ. ओमप्रकाश, डॉ. आरती, डॉ. दीपक राय, डॉ. रविशंकर एवं अन्य विभागों के आचार्यों सहित बड़ी संख्या शोध अध्येताओं व छात्रों की उपस्थिति रही.

33 पेड़ों की कटाई और 2.65 करोड़ के NGT जुर्माने को लेकर छात्रों ने EC को सौंपा ज्ञापन
33 पेड़ों की कटाई और 2.65 करोड़ के NGT जुर्माने को लेकर छात्रों ने EC को सौंपा ज्ञापन
वाराणसी : काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में ‘GenZ For BHU’ छात्र आंदोलन के तहत सोमवार को छात्र प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद (Executive Council) को ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने 33 पेड़ों की कटाई, राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की ओर से लगाए गए 2.65 करोड़ रुपये के जुर्माने और छात्रों के साथ कथित मारपीट को लेकर कार्रवाई की मांग की।छात्र प्रतिनिधिमंडल में सत्यम सिंह, रवि सिंह, अमन मौर्य, विवर्त सिंह समेत अन्य छात्र शामिल रहे। छात्रों ने ज्ञापन के माध्यम से पेड़ों की कटाई के मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।छात्रों की प्रमुख मांगों में U.P. Trees Protection Act और BNS की संबंधित धाराओं के तहत निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराना शामिल है। छात्रों ने यह भी मांग की कि NGT द्वारा लगाए गए 2.65 करोड़ रुपये के जुर्माने की राशि छात्र फंड से नहीं वसूली जाए। उनका कहना है कि इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों से व्यक्तिगत स्तर पर वसूली की जानी चाहिए।इसके अलावा छात्रों ने कुलपति से मिलने गए छात्र-छात्राओं के साथ कथित मारपीट के मामले में सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। छात्र प्रतिनिधियों ने अपने खिलाफ गठित कमेटियों और जारी नोटिस को भी वापस लेने की मांग की है।ALSO READ : बीएचयू के छात्र दुर्गेश यादव का ‘सा रे गा मा पा 2026’ में हुआ चयनपरिसर में पेड़ों की जियो-टैगिंग की मांगछात्रों ने बीएचयू परिसर के सभी पेड़ों का ट्री सेंसस कराने, उनकी जियो-टैगिंग करने और पेड़ों की निगरानी के लिए ‘ट्री मॉनिटरिंग समिति’ गठित करने की मांग भी रखी।छात्रों का कहना है कि परिसर में पर्यावरण से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे आगे शांतिपूर्ण आंदोलन करेंगे।
बीएचयू के छात्र दुर्गेश यादव का ‘सा रे गा मा पा 2026’ में हुआ चयन
बीएचयू के छात्र दुर्गेश यादव का ‘सा रे गा मा पा 2026’ में हुआ चयन
वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के संगीत एवं मंच कला संकाय के गायन विभाग के छात्र दुर्गेश यादव का ज़ी टीवी के लोकप्रिय गायन रियलिटी शो ‘सा रे गा मा पा 2026’ के लिए चयन हुआ है। शो का प्रसारण 19 सितंबर 2026 से ज़ी टीवी पर शुरू हो चुका है।उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के महलीपुर गांव निवासी दुर्गेश यादव, श्री इंद्रजीत यादव और श्रीमती कौशिल्या देवी के पुत्र हैं। उन्होंने बीएचयू से वर्ष 2020-23 में बीपीए (गायन-उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत) और 2023-25 में एमपीए (गायन-उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत) की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वह संगीत एवं मंच कला संकाय में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन इंटर्नशिप कर रहे हैं।दुर्गेश यादव ने पं. गिरजा शंकर त्रिपाठी के मार्गदर्शन में उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत का प्रशिक्षण प्राप्त किया है। शास्त्रीय संगीत की इसी पृष्ठभूमि के साथ उन्होंने गायन के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।उनके ‘सा रे गा मा पा 2026’ में चयन पर संगीत एवं मंच कला संकाय की संकाय प्रमुख एवं गायन विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. संगीता पंडित, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन इंटर्नशिप के समन्वयक प्रो. राम शंकर, प्रो. ज्ञानेश चंद्र पांडेय सहित अन्य संकाय सदस्यों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।ALSO READ : बेनियाबाग से हड़हा सराय तक चला अतिक्रमण विरोधी अभियान, दुकानदारों से नोकझोंकबीएचयू से शास्त्रीय संगीत की शिक्षा प्राप्त कर राष्ट्रीय स्तर के लोकप्रिय गायन रियलिटी शो में चयन होने से विश्वविद्यालय के संगीत एवं मंच कला संकाय में भी उत्साह का माहौल है।
बेनियाबाग से हड़हा सराय तक चला अतिक्रमण विरोधी अभियान, दुकानदारों से नोकझोंक
बेनियाबाग से हड़हा सराय तक चला अतिक्रमण विरोधी अभियान, दुकानदारों से नोकझोंक
वाराणसी : बेनियाबाग चौराहे से हड़हा सराय मार्केट तक सोमवार को नगर निगम की प्रवर्तन टीम ने अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया. टीम ने सड़क पर दुकान लगाकर और अन्य तरीकों से किए गए अतिक्रमण को हटाते हुए मार्ग को कब्जामुक्त कराया. कार्रवाई के दौरान कुछ दुकानदारों की प्रवर्तन टीम से नोकझोंक भी हुई, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस बल के चलते स्थिति नियंत्रित रही.अभियान के दौरान सड़क पर दुकान लगाकर रखा गया सामान नगर निगम की टीम ने वाहनों में लादकर हटाया. सड़क किनारे गिट्टी, बालू और ईंट रखकर बिक्री किए जाने से यातायात प्रभावित हो रहा था. इसके अलावा सड़क पर अवैध रूप से ट्रांसपोर्ट गतिविधियां संचालित किए जाने की शिकायत भी सामने आई थी. नगर निगम की कार्रवाई की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे पार्षद इंद्रेश सिंह ने बताया कि बेनियाबाग क्षेत्र में सड़क जाम और अतिक्रमण की शिकायतों के बाद यह अभियान चलाया गया.ALSO READ : सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा बैठक, बोले डीएम- किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाएउन्होंने कहा कि सड़क पर कब्जे के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही थी. अतिक्रमण हटने से यातायात सुगम होगा और स्थानीय लोगों को अपने घरों तकपहुंचने में भी सुविधा मिलेगी. पार्षद ने कहा कि हड़हा सराय मार्केट तक आवागमन सुचारु रहने से व्यापारिक गतिविधियों को भी सुविधा मिलेगी और ग्राहकों को बाजार तक पहुंचने में परेशानी नहीं होगी. नगर निगम की प्रवर्तन टीम ने सड़क पर दोबारा अतिक्रमण न करने की हिदायत भी दी.