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फर्जी डिग्री से अल्ट्रासाउंड सेंटर खोलने की कोशिश, निकला बड़ा फर्जीवाड़ा

फर्जी डिग्री से अल्ट्रासाउंड सेंटर खोलने की कोशिश, निकला बड़ा फर्जीवाड़ा
Sep 10, 2025, 11:49 AM
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Posted By Gaandiv



वाराणसी/उन्नाव: उन्नाव जिले में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा बड़ा घोटाला सामने आया है. यहां एक व्यक्ति ने फर्जी रेडियोलॉजी डिग्री लगाकर अल्ट्रासाउंड सेंटर खोलने का आवेदन किया. सतही तौर पर कागज सही दिखे, लेकिन प्रशासन की कड़ी जांच में पूरा मामला फर्जी साबित हुआ. यह खुलासा होने के बाद जिले के स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा है.


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आवेदन में दर्ज था वाराणसी के डॉक्टर का नाम


बीघापुर डायग्नोस्टिक सेंटर के नाम से अल्ट्रासाउंड सेंटर खोलने के लिए अंशू पटेल नामक व्यक्ति ने आवेदन किया. आवेदन में रेडियोलॉजिस्ट के तौर पर वाराणसी निवासी डॉ. केशरी रमनलाल बनारस का नाम जोड़ा गया और उनके नाम की डिग्री भी प्रस्तुत की गई. पहली नजर में सब कुछ सही लग रहा था. लेकिन, उन्नाव के जिलाधिकारी गौरांग राठी ने नियमों के अनुसार दस्तावेजों की गहन जांच कराने का आदेश दिया.


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सत्यापन में खुला खेल


डीएम के निर्देश पर डिग्री का सत्यापन मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (MCI) से कराया गया. रिपोर्ट आने पर पता चला कि प्रस्तुत डिग्री पूरी तरह फर्जी है और इस नाम से न तो कोई चिकित्सक रजिस्टर्ड है और न ही ऐसी कोई डिग्री जारी हुई है.

इस खुलासे ने प्रशासन को सकते में डाल दिया क्योंकि अगर समय रहते यह खेल पकड़ा न जाता तो एक फर्जी चिकित्सक के नाम पर सेंटर चालू हो जाता और न जाने कितने मरीजों की जान जोखिम में पड़ जाती.


PCPNDT एक्ट का उल्लंघन


यह मामला Pre-Conception and Pre-Natal Diagnostic Techniques (PCPNDT) Act से भी जुड़ा है. यह कानून भ्रूण लिंग परीक्षण और अवैध गर्भपात रोकने के लिए लागू किया गया है. इसके तहत अल्ट्रासाउंड सेंटर्स को खोलने और संचालित करने के लिए कड़े नियम बनाए गए हैं. फर्जी डिग्री के सहारे सेंटर खोलने की कोशिश न सिर्फ मरीजों की सुरक्षा के लिए खतरा है बल्कि कानून की सीधी अवहेलना भी है.


डीएम ने दिए सख्त निर्देश


डीएम गौरांग राठी ने कहा कि यह गंभीर अपराध है और इसमें किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने तुरंत ही आवेदक अंशू पटेल और कथित चिकित्सक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए. साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया कि जिले में संचालित सभी अल्ट्रासाउंड और डायग्नोस्टिक सेंटर्स की डिग्रियों का दोबारा सत्यापन किया जाए ताकि ऐसे और फर्जीवाड़े की संभावना खत्म हो सके.


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स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय


स्थानीय डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस घटना को बेहद खतरनाक करार दिया। उनका कहना है कि यदि यह सेंटर खुल जाता तो मरीजों की जान से सीधा खिलवाड़ होता. अल्ट्रासाउंड जैसे संवेदनशील क्षेत्र में अनुभवहीन और गैर-पात्र व्यक्ति काम करता तो गलत रिपोर्ट्स से मरीजों का इलाज प्रभावित हो सकता था. साथ ही यह पूरा खेल स्वास्थ्य व्यवस्था पर से जनता का भरोसा तोड़ सकता था.


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क्यों गंभीर है यह मामला ?


1. जनता की सुरक्षा पर खतरा – बिना योग्य डॉक्टर के सेंटर से गलत जांच और रिपोर्टिंग होती.

2. कानून का उल्लंघन – PCPNDT एक्ट का सीधा उल्लंघन कर भ्रूण लिंग परीक्षण की राह खुल सकती थी.

3. प्रशासनिक चुनौती – ऐसे मामलों से प्रशासन पर निगरानी का दबाव और बढ़ता है.

4. गिरोह की आशंका – यह भी आशंका है कि इस फर्जीवाड़े के पीछे कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा हो.


प्रशासन की सख्त चेतावनी


डीएम ने कहा कि कोई भी व्यक्ति अगर फर्जी दस्तावेज लगाकर सेंटर खोलने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई होगी. जिलाधिकारी ने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में हर मेडिकल सेंटर का सत्यापन और कड़ा होगा ताकि किसी को भी मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ का मौका न मिले. दूसरी ओर यह मामला स्वास्थ्य क्षेत्र में सक्रिय फर्जीवाड़े और माफियागिरी की पोल खोलता है. प्रशासन की तत्परता ने एक बड़ा घोटाला समय रहते उजागर कर दिया, वरना इसके दुष्परिणाम बेहद गंभीर हो सकते थे.

BHU ट्रामा सेंटर में घोटाले की शिकायत खारिज, लोकपाल ने प्रभारी सौरभ को दी क्‍लीन चिट
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Complaint of scam at BHU Trauma Centre dismissed, Lokpal gives clean chit to in-charge Saurabhवाराणसी: घोटाले मामले में बीएचयू ट्रामा सेंटर के प्रभारी सौरभ सिंह को राहत मिल गई है. ट्रामा सेंटर में मशीनों और चिकित्सा उपकरणों की खरीद में कथित अनियमितताओं को लेकर की गई शिकायतों को लोकपाल ने खारिज कर दिया है. लोकपाल न्यायमूर्ति एएम खानविलकर की अध्यक्षता वाली सात सदस्यीय पीठ ने 21 मई को अपना फैसला सुनाते हुए ट्रामा सेंटर प्रभारी प्रोफेसर सौरभ सिंह को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया.ट्रामा सेंटर में खरीदे गए सभी उपकरण24 पृष्ठों के आदेश में लोकपाल ने कहा कि ट्रामा सेंटर में खरीदे गए सभी उपकरण और चिकित्सा सामग्री नियमानुसार खरीदी गईं तथा अन्य चिकित्सा संस्थानों की तुलना में कम कीमत पर प्राप्त की गईं. पीठ ने अपने आदेश में खरीद प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बताया और शिकायतों को निराधार मानते हुए अपील खारिज कर दी.ट्रामा सेंटर में मरीजों की जांचट्रामा सेंटर में मरीजों की जांच और इलाज के लिए आवश्यक मशीनों एवं अन्य चिकित्सा उपकरणों की खरीद सरकारी ई-मार्केटप्लेस यानी GEM पोर्टल के माध्यम से की गई थी. कुछ लोगों ने इस खरीद प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कथित अनियमितताओं की शिकायत केंद्रीय सतर्कता आयोग, सीबीआई, कैग और लोकपाल से की थी. शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि खरीद प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की गई और कुछ सामान ऊंचे दामों पर खरीदे गए. मामले की गंभीरता को देखते हुए लोकपाल की एकल पीठ ने जांच सीबीआई को सौंप दी थी.Also Read: ट्रैफिक नियमों की अनदेखी पड़ी भारी, 531 वाहनों के रजिस्‍ट्रेशन निलंबितसीबीआई की टीम ने वाराणसी पहुंचकर खरीद से जुड़े दस्तावेजों की जांच की थी. जांच के दौरान संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए गए. विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार कर सीबीआई ने हाल ही में लोकपाल को सौंपी थी. सीबीआई रिपोर्ट और उपलब्ध दस्तावेजों के अध्ययन के बाद लोकपाल की सात सदस्यीय पीठ ने 21 मई को अपना अंतिम निर्णय सुनाया. आदेश में कहा गया कि खरीद प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार के प्रमाण नहीं मिले हैं.
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वाराणसी में इतने बजे शुरू होगी बकरीद की नमाज, जान लें प्रमुख मस्जिदों में नमाज का समय
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FIR lodged against those who burnt effigies of Modi and Yogi, Congress workers filed a complaintवाराणसी: अल्लाह की राह में कुर्बानी के जज्बे का त्योहार ईद उल अजहा (बकरीद) 28 मई जुमेरात को मनाई जाएगी. इस दिन सभी मोमिन अल्लाह की राह में कुर्बानी पेश कर हजरत इब्राहिम की सुन्नत का पालन करेंगे. त्योहार के मौके पर शहर की अनेक मस्जिदों व ईदगाहों में बकरीद की खास नमाज अदा की जाएगी. वहीं सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस फोर्स बराबर निगरानी कर रही है. संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की गश्‍त बढा दी गई है.नमाज़ की शुरुआत सुबह 6:30 बजे से होगी. पार्षद हाजी ओकास अंसारी ने बताया कि अलग-अलग मस्जिदों में नमाज का समय अलग-अलग रखा गया है ताकि कोई अपने नजदीकी मस्जिद में नमाज छूट जाने पर बगल की मस्जिद में नमाज अदा कर सके. बाद एक नमाज कुर्बानी का सिलसिला शुरू होगा. उन्होंने विभिन्न मस्जिदों में नमाज की समय सारिणी भी उपलब्ध कराई. उनके अनुसार अलग-अलग मस्जिदों में नमाज का निर्धारित समय इस प्रकार है.लाट मस्जिद सरैया, मतवल्ली सरदार हाजी मकबूल, नमाज सुबह - 8:30 बजे.ईदगाह पुरानापुल, इमाम मौलाना शकील, नमाज सुबह 7:45 बजे.ईदगाह गोगा की बाग जलालीपुरा, मतवल्ली हाजी मंजूर साहब, नमाज सुबह 6:45 बजे.ईदगाह शक्करतालब अहलेहदिस, इमाम मौलवी अब्दुल मतीन, नमाज सुबह 6:15 बजे.ईदगाह लंगर मस्जिद, इमाम मौलाना इरशाद रब्बानी, नमाज सुबह 6:45 बजे.जामा मस्जिद खोजापुरा, इमाम मौलाना जाहिर, नमाज सुबह 6:45 बजे.मस्जिद शहीद बाबा अमरपुर सरैया, इमाम हाफिज गुलाम, नमाज सुबह 6:45 बजे.मस्जिद सुन्नी इमामबाड़ा सरैया, इमाम मौलाना इकबाल अहमद सेराजी, नमाज सुबह 6:30 बजे.खानखा हमीदिया रसीदिया शक्कर तालाब, इमाम मौलाना प्यारे मिया, नमाज सुबह 7:00 बजे.बड़ी मस्जिद सरैया, इमाम हाफिज खैरुद्दीन, नमाज सुबह 7:30 बजे.जामा मस्जिद अगागंज, इमाम मौलाना रमजान अली, नमाज सुबह 7:00 बजे.जामा मस्जिद कमनगडहा, इमाम मौलाना मोहम्मद अहमद, नमाज सुबह 6:30 बजे.मस्जिद मीनार कमालपुरा, इमाम मौलाना निजाम, नमाज सुबह 6:45 बजे.मखदूम शाह बाबा मस्जिद लाट सरैया 6:30 बजे.Also Read: मोदी और योगी का पुतला फूंकने वालों पर FIR दर्ज, कांग्रेसियों ने दी तहरीर