Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

बनारस के काष्ठ कला कारोबारियों ने कहा- अमेरिका का होगा बहिष्कार

बनारस के काष्ठ कला कारोबारियों  ने कहा- अमेरिका का होगा बहिष्कार
Sep 02, 2025, 08:18 AM
|
Posted By Gaandiv

वाराणसी : अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा भारत से आयात होने वाले सामान पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के फैसले ने भारतीय बाजार में खलबली मचा दी है. बड़े व्यापारिक घरानों के ऑर्डर कैंसिल हो रहे हैं, पेमेंट होल्ड कर दिए गए हैं और एक्सपोर्ट सेक्टर में असमंजस का माहौल है. लेकिन इस सबके बीच वाराणसी के काष्ठ कला उद्योग से जुड़े कलाकारों और कारोबारियों ने साहसिक रुख अपनाते हुए अमेरिका का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है.


ALSO READ: 'लेडी सिंघम' ने किया हत्या की घटना का पर्दाफाश, आरोपी गिरफ्तार



wc


ALSO RAED : पर्यटन को उद्योग से जोड़ने पर 10 लाख तक की छूट


अमेरिका नहीं, भारत ही पर्याप्त बाजार


प्रदेश स्तर पर पुरस्कृत काष्ठ कला कलाकार "ओम प्रकाश शर्मा" का कहना है कि भारत से अमेरिका तक करीब 25 से 30 प्रतिशत काष्ठ की मूर्तियां और खिलौने भेजे जाते हैं. ट्रंप के अचानक टैरिफ 50 प्रतिशत तक बढ़ा देने से यह कारोबार प्रभावित जरूर होगा, लेकिन डरने की जरूरत नहीं है. ओम प्रकाश शर्मा ने साफ कहा – “अमेरिका यदि हमारा सामान नहीं लेगा तो हमें कोई नुकसान नहीं होगा, क्योंकि भारत में ODOP (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट) योजना के तहत पहले से ही 75 प्रतिशत कारोबार हो रहा है”


"गुंडई की नीति" का विरोध


शर्मा ने राष्ट्रपति ट्रंप के इस कदम को सीधे तौर पर “गुंडई की नीति” करार दिया. उनका कहना है कि यह फैसला बिना सोचे-समझे लिया गया है, जिसका खामियाजा न सिर्फ भारतीय कारोबारियों बल्कि अमेरिकी बाजार को भी उठाना पड़ेगा .उन्होंने कहा – “यदि एक रास्ता बंद होता है, तो चार नए रास्ते खुलते हैं. हमें अपने उत्पादों की गुणवत्ता और देश के बाजार पर पूरा भरोसा है”.


v


काष्ठ कलाकारों में आत्मविश्वास


टैरिफ बढ़ने से जहां कई उद्योगों में डर का माहौल है, वहीं वाराणसी के काष्ठ कलाकार पूरी तरह आत्मविश्वास से भरे हुए हैं. उनका मानना है कि भारतीय परंपरागत कला और खिलौनों की इतनी बड़ी मांग देश और दुनिया में है कि अमेरिका पर निर्भरता की कोई आवश्यकता नहीं. अमेरिकी टैरिफ फैसले से जहां कई उद्योग हतोत्साहित हैं, वहीं वाराणसी की काष्ठ कला ने यह संदेश दिया है कि आत्मनिर्भरता और स्थानीय बाजार ही असली ताकत है. अमेरिका का बहिष्कार कर भारतीय कलाकारों ने आत्मगौरव का परिचय दिया है.

33 पेड़ों की कटाई और 2.65 करोड़ के NGT जुर्माने को लेकर छात्रों ने EC को सौंपा ज्ञापन
33 पेड़ों की कटाई और 2.65 करोड़ के NGT जुर्माने को लेकर छात्रों ने EC को सौंपा ज्ञापन
वाराणसी : काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में ‘GenZ For BHU’ छात्र आंदोलन के तहत सोमवार को छात्र प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद (Executive Council) को ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने 33 पेड़ों की कटाई, राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की ओर से लगाए गए 2.65 करोड़ रुपये के जुर्माने और छात्रों के साथ कथित मारपीट को लेकर कार्रवाई की मांग की।छात्र प्रतिनिधिमंडल में सत्यम सिंह, रवि सिंह, अमन मौर्य, विवर्त सिंह समेत अन्य छात्र शामिल रहे। छात्रों ने ज्ञापन के माध्यम से पेड़ों की कटाई के मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।छात्रों की प्रमुख मांगों में U.P. Trees Protection Act और BNS की संबंधित धाराओं के तहत निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराना शामिल है। छात्रों ने यह भी मांग की कि NGT द्वारा लगाए गए 2.65 करोड़ रुपये के जुर्माने की राशि छात्र फंड से नहीं वसूली जाए। उनका कहना है कि इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों से व्यक्तिगत स्तर पर वसूली की जानी चाहिए।इसके अलावा छात्रों ने कुलपति से मिलने गए छात्र-छात्राओं के साथ कथित मारपीट के मामले में सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। छात्र प्रतिनिधियों ने अपने खिलाफ गठित कमेटियों और जारी नोटिस को भी वापस लेने की मांग की है।ALSO READ : बीएचयू के छात्र दुर्गेश यादव का ‘सा रे गा मा पा 2026’ में हुआ चयनपरिसर में पेड़ों की जियो-टैगिंग की मांगछात्रों ने बीएचयू परिसर के सभी पेड़ों का ट्री सेंसस कराने, उनकी जियो-टैगिंग करने और पेड़ों की निगरानी के लिए ‘ट्री मॉनिटरिंग समिति’ गठित करने की मांग भी रखी।छात्रों का कहना है कि परिसर में पर्यावरण से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे आगे शांतिपूर्ण आंदोलन करेंगे।
बीएचयू के छात्र दुर्गेश यादव का ‘सा रे गा मा पा 2026’ में हुआ चयन
बीएचयू के छात्र दुर्गेश यादव का ‘सा रे गा मा पा 2026’ में हुआ चयन
वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के संगीत एवं मंच कला संकाय के गायन विभाग के छात्र दुर्गेश यादव का ज़ी टीवी के लोकप्रिय गायन रियलिटी शो ‘सा रे गा मा पा 2026’ के लिए चयन हुआ है। शो का प्रसारण 19 सितंबर 2026 से ज़ी टीवी पर शुरू हो चुका है।उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के महलीपुर गांव निवासी दुर्गेश यादव, श्री इंद्रजीत यादव और श्रीमती कौशिल्या देवी के पुत्र हैं। उन्होंने बीएचयू से वर्ष 2020-23 में बीपीए (गायन-उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत) और 2023-25 में एमपीए (गायन-उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत) की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वह संगीत एवं मंच कला संकाय में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन इंटर्नशिप कर रहे हैं।दुर्गेश यादव ने पं. गिरजा शंकर त्रिपाठी के मार्गदर्शन में उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत का प्रशिक्षण प्राप्त किया है। शास्त्रीय संगीत की इसी पृष्ठभूमि के साथ उन्होंने गायन के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।उनके ‘सा रे गा मा पा 2026’ में चयन पर संगीत एवं मंच कला संकाय की संकाय प्रमुख एवं गायन विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. संगीता पंडित, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन इंटर्नशिप के समन्वयक प्रो. राम शंकर, प्रो. ज्ञानेश चंद्र पांडेय सहित अन्य संकाय सदस्यों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।ALSO READ : बेनियाबाग से हड़हा सराय तक चला अतिक्रमण विरोधी अभियान, दुकानदारों से नोकझोंकबीएचयू से शास्त्रीय संगीत की शिक्षा प्राप्त कर राष्ट्रीय स्तर के लोकप्रिय गायन रियलिटी शो में चयन होने से विश्वविद्यालय के संगीत एवं मंच कला संकाय में भी उत्साह का माहौल है।
बेनियाबाग से हड़हा सराय तक चला अतिक्रमण विरोधी अभियान, दुकानदारों से नोकझोंक
बेनियाबाग से हड़हा सराय तक चला अतिक्रमण विरोधी अभियान, दुकानदारों से नोकझोंक
वाराणसी : बेनियाबाग चौराहे से हड़हा सराय मार्केट तक सोमवार को नगर निगम की प्रवर्तन टीम ने अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया. टीम ने सड़क पर दुकान लगाकर और अन्य तरीकों से किए गए अतिक्रमण को हटाते हुए मार्ग को कब्जामुक्त कराया. कार्रवाई के दौरान कुछ दुकानदारों की प्रवर्तन टीम से नोकझोंक भी हुई, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस बल के चलते स्थिति नियंत्रित रही.अभियान के दौरान सड़क पर दुकान लगाकर रखा गया सामान नगर निगम की टीम ने वाहनों में लादकर हटाया. सड़क किनारे गिट्टी, बालू और ईंट रखकर बिक्री किए जाने से यातायात प्रभावित हो रहा था. इसके अलावा सड़क पर अवैध रूप से ट्रांसपोर्ट गतिविधियां संचालित किए जाने की शिकायत भी सामने आई थी. नगर निगम की कार्रवाई की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे पार्षद इंद्रेश सिंह ने बताया कि बेनियाबाग क्षेत्र में सड़क जाम और अतिक्रमण की शिकायतों के बाद यह अभियान चलाया गया.ALSO READ : सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा बैठक, बोले डीएम- किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाएउन्होंने कहा कि सड़क पर कब्जे के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही थी. अतिक्रमण हटने से यातायात सुगम होगा और स्थानीय लोगों को अपने घरों तकपहुंचने में भी सुविधा मिलेगी. पार्षद ने कहा कि हड़हा सराय मार्केट तक आवागमन सुचारु रहने से व्यापारिक गतिविधियों को भी सुविधा मिलेगी और ग्राहकों को बाजार तक पहुंचने में परेशानी नहीं होगी. नगर निगम की प्रवर्तन टीम ने सड़क पर दोबारा अतिक्रमण न करने की हिदायत भी दी.