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काशी के रंग में रंग गए मॉरीशस के प्रधानमंत्री व उनकी पत्नी

काशी के रंग में रंग गए मॉरीशस के प्रधानमंत्री व उनकी पत्नी
Sep 12, 2025, 12:37 PM
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Posted By Gaandiv



वाराणसी: धर्म आध्यात्म और संस्कृति की नगरी काशी ने शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय रिश्तों के नए अध्याय की गवाही दी. मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम और उनकी पत्नी वीना रामगुलाम ने न सिर्फ गंगा-घाट और मंदिरों की आध्यात्मिकता का अनुभव किया, बल्कि काशी की हस्तकला, खानपान और पहनावे की खूबसूरती पर भी मंत्रमुग्ध हो गए .इस दौरान वीना रामगुलाम का झुकाव खासतौर पर बनारसी साड़ियों और हस्तनिर्मित वस्त्रों की ओर रहा.


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बनारसी साड़ी और काशी की हस्तकला का आकर्षण


गुरुवार की दोपहर अचानक ही वीना रामगुलाम मकबूल आलम रोड स्थित पनाया बनारसी साड़ी शोरूम पहुँच गईं. उनके आगमन से शोरूम संचालक और कारीगरों में उत्साह की लहर दौड़ गई. शोरूम मालिक वीरेंद्र अग्रवाल ने बताया कि, “वीना जी को बनारसी साड़ियां बेहद पसंद आईं. उन्होंने कई साड़ियां खरीदीं. इसके अलावा पोटली बैग, स्लिंग बैग और कुर्ता-पायजामा भी चुना. उन्होंने कुछ सामान उपहार स्वरूप भी लिया, जिससे साफ है कि काशी की कला को लेकर उनकी गहरी रुचि है.”

बनारसी साड़ी, जिसे जीआई टैग प्राप्त है और जो ‘एक जिला एक उत्पाद (ODOP)’ योजना में भी शामिल है, न सिर्फ काशी की पहचान है बल्कि भारत की शिल्प परंपरा का गौरव भी है.


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काशी विश्वनाथ मंदिर में विशेष भेंट


प्रधानमंत्री रामगुलाम और उनकी पत्नी ने शुक्रवार को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के बाद उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने गुलाबी मीनाकारी से बनी मंदिर की विशेष प्रतिकृति भेंट की. यह अनुकृति बेहद खास थी क्योंकि इसे विशेष रूप से उनके लिए तैयार किया गया था.

नेशनल अवार्डी कारीगर कुंजबिहारी ने बताया कि, “यह प्रतिकृति पहली बार किसी विशेष विदेशी अतिथि के लिए बनाई गई. इसे तैयार करने में करीब एक महीना लगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार हस्तकला को बढ़ावा देने पर जोर देते हैं. इसी प्रेरणा से उन्होंने यह अनुकृति बनाई.” गुलाबी मीनाकारी भी बनारसी परंपरा का अहम हिस्सा है और इसे जीआई टैग और ओडीओपी योजना में शामिल किया गया है.

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आध्यात्मिक अनुभव से अभिभूत हुए मेहमान


डॉ. रामगुलाम ने गंगा की आरती में भाग लिया और घाटों की गरिमा का अनुभव किया उन्होंने कहा कि काशी में आकर ऐसा लगता है मानो इतिहास और अध्यात्म की धारा में स्वयं को डुबो दिया हो.

उनकी पत्नी वीना भी गहरी श्रद्धा और उत्साह के साथ हर गतिविधि में शामिल रहीं. स्थानीय खानपान का स्वाद लेने के बाद उन्होंने मुस्कराते हुए कहा कि बनारसी व्यंजन और परिधान उन्हें बेहद भा गए.


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मॉरीशस और पूर्वांचल का पुराना रिश्ता


दरअसल, मॉरीशस और पूर्वांचल के बीच का रिश्ता सदियों पुराना है. ग़ुलामी के दौर में बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश और बिहार से लोग मॉरीशस पहुंचे थे और वहीं बस गए. आज भी मॉरीशस में भोजपुरी संस्कृति की झलक साफ देखी जा सकती है.

काशी और मॉरीशस के बीच यही सांस्कृतिक और ऐतिहासिक जुड़ाव इस यात्रा में और प्रगाढ़ होता दिखा. बनारसी साड़ी और गुलाबी मीनाकारी जैसे उत्पाद इस रिश्ते को नई दिशा देने के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर भारतीय कला और संस्कृति को प्रतिष्ठा दिला रहे हैं.


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कारीगरों और स्थानीय उद्योग के लिए बड़ी उपलब्धि


प्रधानमंत्री और उनकी पत्नी का यह दौरा केवल धार्मिक महत्व तक सीमित नहीं रहा . यह काशी के कारीगरों और स्थानीय उद्योगों के लिए भी बड़ी उपलब्धि साबित हुआ. उनकी खरीदारी और हस्तकला के प्रति रुचि ने कारीगरों में आत्मविश्वास जगाया.

एक स्थानीय कारीगर ने कहा, “जब इतने बड़े मेहमान हमारी मेहनत और कला को सराहते हैं, तो यह हमारे लिए गर्व की बात होती है. इससे हमारे काम को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलती है.”


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काशी के लिए गर्व का क्षण


मॉरीशस प्रधानमंत्री का काशी दौरा शहरवासियों के लिए गर्व और उत्सव जैसा रहा. यह केवल आध्यात्मिक अनुभव का आदान-प्रदान नहीं था, बल्कि एक ऐसा पल था जिसने भारतीय संस्कृति, काशी की परंपरा और हस्तकला को वैश्विक मंच पर और मजबूत पहचान दी.

इस यात्रा ने एक बार फिर साबित किया कि काशी सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि भारत की जीवित संस्कृति और आत्मा है, जो हर आगंतुक को अपने रंग में रंग देती है.

33 पेड़ों की कटाई और 2.65 करोड़ के NGT जुर्माने को लेकर छात्रों ने EC को सौंपा ज्ञापन
33 पेड़ों की कटाई और 2.65 करोड़ के NGT जुर्माने को लेकर छात्रों ने EC को सौंपा ज्ञापन
वाराणसी : काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में ‘GenZ For BHU’ छात्र आंदोलन के तहत सोमवार को छात्र प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद (Executive Council) को ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने 33 पेड़ों की कटाई, राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की ओर से लगाए गए 2.65 करोड़ रुपये के जुर्माने और छात्रों के साथ कथित मारपीट को लेकर कार्रवाई की मांग की।छात्र प्रतिनिधिमंडल में सत्यम सिंह, रवि सिंह, अमन मौर्य, विवर्त सिंह समेत अन्य छात्र शामिल रहे। छात्रों ने ज्ञापन के माध्यम से पेड़ों की कटाई के मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।छात्रों की प्रमुख मांगों में U.P. Trees Protection Act और BNS की संबंधित धाराओं के तहत निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराना शामिल है। छात्रों ने यह भी मांग की कि NGT द्वारा लगाए गए 2.65 करोड़ रुपये के जुर्माने की राशि छात्र फंड से नहीं वसूली जाए। उनका कहना है कि इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों से व्यक्तिगत स्तर पर वसूली की जानी चाहिए।इसके अलावा छात्रों ने कुलपति से मिलने गए छात्र-छात्राओं के साथ कथित मारपीट के मामले में सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। छात्र प्रतिनिधियों ने अपने खिलाफ गठित कमेटियों और जारी नोटिस को भी वापस लेने की मांग की है।ALSO READ : बीएचयू के छात्र दुर्गेश यादव का ‘सा रे गा मा पा 2026’ में हुआ चयनपरिसर में पेड़ों की जियो-टैगिंग की मांगछात्रों ने बीएचयू परिसर के सभी पेड़ों का ट्री सेंसस कराने, उनकी जियो-टैगिंग करने और पेड़ों की निगरानी के लिए ‘ट्री मॉनिटरिंग समिति’ गठित करने की मांग भी रखी।छात्रों का कहना है कि परिसर में पर्यावरण से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे आगे शांतिपूर्ण आंदोलन करेंगे।
बीएचयू के छात्र दुर्गेश यादव का ‘सा रे गा मा पा 2026’ में हुआ चयन
बीएचयू के छात्र दुर्गेश यादव का ‘सा रे गा मा पा 2026’ में हुआ चयन
वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के संगीत एवं मंच कला संकाय के गायन विभाग के छात्र दुर्गेश यादव का ज़ी टीवी के लोकप्रिय गायन रियलिटी शो ‘सा रे गा मा पा 2026’ के लिए चयन हुआ है। शो का प्रसारण 19 सितंबर 2026 से ज़ी टीवी पर शुरू हो चुका है।उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के महलीपुर गांव निवासी दुर्गेश यादव, श्री इंद्रजीत यादव और श्रीमती कौशिल्या देवी के पुत्र हैं। उन्होंने बीएचयू से वर्ष 2020-23 में बीपीए (गायन-उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत) और 2023-25 में एमपीए (गायन-उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत) की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वह संगीत एवं मंच कला संकाय में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन इंटर्नशिप कर रहे हैं।दुर्गेश यादव ने पं. गिरजा शंकर त्रिपाठी के मार्गदर्शन में उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत का प्रशिक्षण प्राप्त किया है। शास्त्रीय संगीत की इसी पृष्ठभूमि के साथ उन्होंने गायन के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।उनके ‘सा रे गा मा पा 2026’ में चयन पर संगीत एवं मंच कला संकाय की संकाय प्रमुख एवं गायन विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. संगीता पंडित, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन इंटर्नशिप के समन्वयक प्रो. राम शंकर, प्रो. ज्ञानेश चंद्र पांडेय सहित अन्य संकाय सदस्यों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।ALSO READ : बेनियाबाग से हड़हा सराय तक चला अतिक्रमण विरोधी अभियान, दुकानदारों से नोकझोंकबीएचयू से शास्त्रीय संगीत की शिक्षा प्राप्त कर राष्ट्रीय स्तर के लोकप्रिय गायन रियलिटी शो में चयन होने से विश्वविद्यालय के संगीत एवं मंच कला संकाय में भी उत्साह का माहौल है।
बेनियाबाग से हड़हा सराय तक चला अतिक्रमण विरोधी अभियान, दुकानदारों से नोकझोंक
बेनियाबाग से हड़हा सराय तक चला अतिक्रमण विरोधी अभियान, दुकानदारों से नोकझोंक
वाराणसी : बेनियाबाग चौराहे से हड़हा सराय मार्केट तक सोमवार को नगर निगम की प्रवर्तन टीम ने अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया. टीम ने सड़क पर दुकान लगाकर और अन्य तरीकों से किए गए अतिक्रमण को हटाते हुए मार्ग को कब्जामुक्त कराया. कार्रवाई के दौरान कुछ दुकानदारों की प्रवर्तन टीम से नोकझोंक भी हुई, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस बल के चलते स्थिति नियंत्रित रही.अभियान के दौरान सड़क पर दुकान लगाकर रखा गया सामान नगर निगम की टीम ने वाहनों में लादकर हटाया. सड़क किनारे गिट्टी, बालू और ईंट रखकर बिक्री किए जाने से यातायात प्रभावित हो रहा था. इसके अलावा सड़क पर अवैध रूप से ट्रांसपोर्ट गतिविधियां संचालित किए जाने की शिकायत भी सामने आई थी. नगर निगम की कार्रवाई की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे पार्षद इंद्रेश सिंह ने बताया कि बेनियाबाग क्षेत्र में सड़क जाम और अतिक्रमण की शिकायतों के बाद यह अभियान चलाया गया.ALSO READ : सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा बैठक, बोले डीएम- किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाएउन्होंने कहा कि सड़क पर कब्जे के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही थी. अतिक्रमण हटने से यातायात सुगम होगा और स्थानीय लोगों को अपने घरों तकपहुंचने में भी सुविधा मिलेगी. पार्षद ने कहा कि हड़हा सराय मार्केट तक आवागमन सुचारु रहने से व्यापारिक गतिविधियों को भी सुविधा मिलेगी और ग्राहकों को बाजार तक पहुंचने में परेशानी नहीं होगी. नगर निगम की प्रवर्तन टीम ने सड़क पर दोबारा अतिक्रमण न करने की हिदायत भी दी.