Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

गणपति बप्पा मोरिया विघ्नहर्ता के स्वागत की तैयारियां पूरी, जाने पूजा मुहूर्त

गणपति बप्पा मोरिया विघ्नहर्ता के स्वागत की तैयारियां पूरी, जाने पूजा मुहूर्त
Aug 26, 2025, 07:16 AM
|
Posted By Gaandiv

तीज की गुजिया खतम ही नहीं हुई कि मोदक ने सभी को अपनी ओर खींच लिया है . हर साल की तरह इस साल भी बाजार दुल्हन सी सजी है मानो विघ्न हर्ता के आगमन से बलाये भी टल गई . गणेश चतुर्थी को बप्पा के जनम दिवस के उपलक्ष में मनाया जाता है .लोग अपने व्यापार , घरों और दुकानों में पूरे जोश और उत्साह के साथ दस दिनों तक बप्पा का जन्मोत्सव मनाते हैं . मान्यता यह है की हमारे हिन्दू धर्म में बिना गणपति की पूजा करे कोई कार्य सफल नहीं होता. वही शुभ अवसर समीप है जब गणपति हमारे सामने विराजमान होंगे .


क्यों मनाई जाती है गणेश चतुर्थी ?


गणेश चतुर्थी भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है . धार्मिक मान्यता है कि भाद्रपद मास की शुक्ल चतुर्थी तिथि को माता पार्वती और भगवान शिव के पुत्र गणेश जी का जन्म हुआ था. इसीलिए इस दिन को विशेष रूप से गणपति की आराधना और स्थापना के लिए शुभ माना जाता है .


धार्मिक महत्व


भगवान गणेश को विघ्नहर्ता (बाधाओं को दूर करने वाले) और सिद्धिदाता (सफलता व समृद्धि देने वाले) माना जाता है . ऐसा विश्वास है कि गणेश चतुर्थी पर पूरे विधि-विधान से गणपति की पूजा करने से जीवन से सभी बाधाएं दूर होती हैं और घर-परिवार में सुख, शांति और समृद्धि आती है .

ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व


इतिहास में छत्रपति शिवाजी महाराज ने इस पर्व को सार्वजनिक रूप से मनाने की शुरुआत की थी . बाद में स्वतंत्रता सेनानी लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने इसे अंग्रेजों के खिलाफ लोगों को एकजुट करने के साधन के रूप में बड़े पैमाने पर सार्वजनिक उत्सव का रूप दिया . तभी से गणेश चतुर्थी केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का पर्व भी बन गया .


जाने कब है गणेश चतुर्थी ...


इस वर्ष गणेश चतुर्थी बुधवार, 27 अगस्त 2025 को मनाई जाएगी . यह पर्व भाद्रपद मास की शुक्ल चतुर्थी तिथि पर पड़ता है, जो 26 अगस्त 2025 दोपहर 1:54 बजे से शुरू होकर अगले दिन (27 अगस्त) दोपहर 3:44 बजे तक रहेगी .


पर्व का महत्व और उत्सव की रूपरेखा ...


गणेश चतुर्थी, भगवान गणेश विघ्नों के हरकर्ता और बुद्धि तथा समृद्धि के देवता की पूजा का आनंदमय और भक्तिपूर्ण अवसर है . यह उत्सव दस दिनों तक चलता है और अंततः अनंत चतुर्दशी (6 सितंबर 2025) को गणेश विसर्जन के साथ संपन्न होता है .

इस फेस्टिवल के दौरान घरों और पंडालों में भव्य सजावट, संगीत, आरती और समुदायिक उत्साह देखा जा सकता है . यह त्योहार न केवल आध्यात्मिक होता है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक भी है .

Also read : रोपवे परियोजना: 15 दिनों तक सड़कें ब्लॉक, आवागमन पर पाबंदी


गणेश चतुर्थी से जुडी ख़ास बातें ...


गणेश चतुर्थी भारत का एक प्रमुख और लोकप्रिय त्योहार है . इसमें धार्मिक आस्था के साथ-साथ सांस्कृतिक और सामाजिक रंग भी जुड़ जाते हैं . इसकी कुछ खास बातें इस प्रकार हैं –


- जन्मोत्सव


यह पर्व भगवान गणेश के जन्म की याद में मनाया जाता है .

मान्यता है कि इस दिन गणपति की पूजा करने से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं .


- स्थापना और पूजा


घरों और पंडालों में गणेश जी की मूर्ति स्थापित की जाती है .

भक्त 10 दिनों तक प्रतिदिन आरती, पूजा और भजन करते हैं .

गणेश जी को मोदक बेहद प्रिय माना जाता है, इसलिए उन्हें मोदक और लड्डू का भोग लगाया जाता है .

Also read : सबको मिले समान अवसर, यही वास्तविक सामाजिक न्याय - डॉ. नीलकण्ठ तिवारी


- सांस्कृतिक महत्व


यह पर्व महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में विशेष धूमधाम से मनाया जाता है .

लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने इसे आज़ादी के आंदोलन के समय जन-आंदोलन और एकता का प्रतीक बना दिया था .



- विसर्जन


दसवें दिन अनंत चतुर्दशी को गणेश विसर्जन होता है .

‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयकारों के साथ गणेश जी को जल में विदा किया जाता है .

- सांस्कृतिक महत्व


यह पर्व महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में काफी धूमधाम से मनाया जाता है .

लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने इसे आज़ादी के आंदोलन के समय जन-आंदोलन और एकता का प्रतीक बना दिया था .


BHU में छात्रसंघ बहाली की मांग तेज, 29 अक्टूबर को निकलेगा छात्र मार्च; अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान.
BHU में छात्रसंघ बहाली की मांग तेज, 29 अक्टूबर को निकलेगा छात्र मार्च; अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान.
वाराणसी : काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में छात्रसंघ की बहाली की मांग को लेकर छात्र आंदोलन की तैयारी में जुट गए हैं। शनिवार को विश्वविद्यालय के कला संकाय लॉन में आयोजित छात्र महापंचायत में छात्रसंघ बहाली और लोकतांत्रिक छात्र अधिकारों को लेकर चर्चा हुई। महापंचायत में शामिल छात्र-छात्राओं ने सर्वसम्मति से 29 अक्टूबर को छात्र मार्च निकालने और इसके बाद अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने का निर्णय लिया।छात्र महापंचायत में तय किया गया कि 29 अक्टूबर को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर से छात्रसंघ भवन तक मार्च निकाला जाएगा। इसके बाद छात्रसंघ की बहाली की मांग को लेकर धरना शुरू किया जाएगा। छात्रों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग पूरी होने तक आंदोलन को संगठित और शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।महापंचायत में छात्रों ने कहा कि छात्रसंघ विश्वविद्यालय की लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों की समस्याओं को विश्वविद्यालय प्रशासन तक पहुंचाने और उनके अधिकारों की आवाज उठाने के लिए एक मंच मिलता है। छात्रों के मुताबिक, लंबे समय से विश्वविद्यालय में छात्रसंघ बहाली की मांग उठाई जा रही है। अब इस मांग को लेकर आंदोलन को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।छात्रों ने विश्वविद्यालय के सभी विद्यार्थियों से 29 अक्टूबर को प्रस्तावित मार्च में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की। उनका कहना है कि छात्र एकजुट होकर छात्रसंघ की बहाली की मांग को प्रभावी तरीके से उठा सकते हैं।ALSO READ : वाराणसी में संदिग्ध हालात में सफाईकर्मी की मौत, घर में खून से लथपथ मिला शवछात्र महापंचायत के इस फैसले के बाद बीएचयू में छात्रसंघ बहाली का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अब 29 अक्टूबर को प्रस्तावित छात्र मार्च और उसके बाद शुरू होने वाले धरने पर सबकी नजर रहेगी।
वाराणसी में संदिग्ध हालात में सफाईकर्मी की मौत, घर में खून से लथपथ मिला शव
वाराणसी में संदिग्ध हालात में सफाईकर्मी की मौत, घर में खून से लथपथ मिला शव
वाराणसी : आदमपुर थाना क्षेत्र के गोलाघाट में शनिवार को नगर निगम के सफाई कर्मी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में हड़कंप मच गया. उसके शरीर पर चोटों के निशान को देखते हुए हत्‍या की आशंका जताई जा रही है. सूचना के बाद पुलिस शव को कब्‍जे में लेने के साथ अग्रिम कार्रवाई में जुट गई है.वहीं क्षेत्र में मौत को लेकर तरह - तरह की चर्चा व्‍याप्‍त है. उसके चेहरे, सिर पर गंभीर जख्‍म के निशान मिले हैं.सफाईकर्मी के चचेरे भाई ने बताया कि बीती रात खाना खाकर वह अपने घर गोलाघाट चला गया था. इस बीच शनिवार की सुबह नमो घाट पर एयर शो के समय सफाई कर्मियों ने उसके न आने पर तलाश शुरू की. कुछ लोग उसके घर पहुंचे तो युवक का शव घर के अंदर खून से लथपथ हालत में मिला. फर्श पर खून फैला था. मृतक के शरीर के कई हिस्सों पर चोट के निशान होने की बात सामने आई है.ALSO READ : वाराणसी के इस गांव में एक महीने में चार मौतों से दहशत, तेज बुखार एवं जोड़ों में दर्द से परेशान लोगघटना की जानकारी मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई. युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं है. मामले में हत्या या दुर्घटना समेत किसी भी आशंका की पुष्टि नहीं हुई है. मृतक की पहचान विनोद कुमार के रूप में हुई है. घटना के कारणों का पता जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा.
वाराणसी के इस गांव में एक महीने में चार मौतों से दहशत, तेज बुखार एवं जोड़ों में दर्द से परेशान लोग
वाराणसी के इस गांव में एक महीने में चार मौतों से दहशत, तेज बुखार एवं जोड़ों में दर्द से परेशान लोग
वाराणसी : काशी विद्यापीठ ब्लॉक के मंगलपुर गांव में लोग तेज बुखार, जोड़ों में दर्द और प्लेटलेटस गिरने से परेशान हैं. एक महीने में गांव के 4 लोगों की मौत होने के बाद ग्रामीणों को डेंगू, मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी का भय सता रहा है. सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंची. लोगों की जांच हुई तो 10 लोगों में बुखार जैसे लक्षण मिले हैं. जिन लोगों की मौत हुई है, उसके पीछे परिजन डेंगू से मौत की बात कह रहे हैं जबकि स्वास्थ्य विभाग ने इन्कार किया है.जिला मलेरिया अधिकारी के अनुसार, टीम भेजकर जांच करने के साथ ही लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है. मंगलपुर गांव में अधिकांश लोगों को बुखार है. प्लेटलेटस भी कम होता जा रहा है. जमालूद्दीन (35), गुलाम रब्बानी (66), आयशा बेगम (52) और मद्दर बेगम (48) की मौत हुई है. परिजनों ने मौत की वजह डेंगू और अन्य संक्रामक बीमारियां बताई है. उनका कहना है कि जोड़ों में तेज दर्द, बुखार के साथ ही कई दिनों से प्लेटलेटस भी कम हो रहा था. नुरैन, तौफीक, सलाउद्दीन , जरदार, रामसुंदर पटेल बीमार हैं.परिजनों ने एएनएम को नहीं दी कोई जांच रिपोर्टजिला मलेरिया अधिकारी एससी पांडेय का कहना है कि मंगलपुर गांव में कुछ लोगों के एक महीने के भीतर 4 मौत की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच कराई. 10 लोगों में बुखार और मौसमी बीमारी के लक्षण मिले हैं. जरूरी दवाइयां देने के साथ ही उन्हें जागरूक किया जा रहा है. जिन लोगों के मौत की सूचना मिली, उनके घर आशा, एएनएम को भेजकर जांच रिपोर्ट मांगी गई तो परिजनों ने रिपोर्ट देने से मना कर दिया. डेंगू से मौत हुई है तो परिजन रिपोर्ट क्यों नहीं दे रहे हैं. यह समझ नहीं आ रहा है. एक बार फिर विभागीय टीम गांव में जाएगी.ALSO READ : वाराणसी में पीएम के दौरे को लेकर ट्रैफिक एडवाइजरी जारी, देखें पूरी लिस्टमंगलपुर गांव में टीम भेजकर जांच करवाई गई. परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को कोई रिपोर्ट नहीं दी है, जिससे लोगों के बीमार होने और मौत की वजह की सही जानकारी मिल सके. दो दिन का विशेष अभियान चलाकर लोगों के सेहत की जांच कराई जाएगी।.- डॉ. एनपी सिंह, सीएमओ