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बनारस में बनेगा साइंस सिटी और नक्षत्रशाला, भूमि चिह्नित

बनारस में बनेगा साइंस सिटी और नक्षत्रशाला, भूमि चिह्नित
Aug 25, 2025, 01:17 PM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी: बच्चों और युवा पीढ़ी में विज्ञान के प्रति लगाव और ज्ञान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वाराणसी में साइंस सिटी और नक्षत्रशाला (Planetarium) की स्थापना की जाएगी. इसके लिए अर्दली बाजार स्थित एलटी कॉलेज परिसर में 5,100 वर्ग मीटर भूमि को चिह्नित किया गया है.




भूमि हस्तांतरण होते ही शुरू होगा निर्माण कार्य


साइंस सिटी के निर्माण की जिम्मेदारी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग को सौंपी गई है. एलटी कॉलेज की खाली भूमि के साथ ही कुछ जर्जर आवासों के हिस्से को भी इस परियोजना में लिया जाएगा. चूंकि यह स्थान शहर के बीचों-बीच है, इसलिए यहां अधिक से अधिक बच्चे आसानी से पहुंच सकेंगे. हाल ही में विभागीय अधिकारियों ने स्थल का निरीक्षण भी कर लिया है. अब भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया चल रही है. इसके पूरा होते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा.


तारामंडल होगा प्रमुख आकर्षण


साइंस सिटी का मुख्य आकर्षण तारामंडल (Planetarium) होगा. इसमें तारों की स्थिति, सूर्य, चंद्रमा और ग्रहों की गति को प्राकृतिक स्वरूप में प्रदर्शित किया जाएगा. यहां आने वाले विद्यार्थी सौर मंडल और नक्षत्रों की वैज्ञानिक जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे.



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आधुनिक गैलरी और टेक्नोलॉजी लैब


साइंस सिटी में विज्ञान और तकनीक से जुड़े कई आधुनिक केंद्र बनाए जाएंगे, जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस गैलरी, आउटडोर विज्ञान प्रदर्शनी, विज्ञान मनोरंजन केंद्र, डिजिटल टेक्नोलॉजी गैलरी, STEM और इनोवेशन लैब, डिजिटल सौरमंडल तथा 3D उड़ी थिएटर और प्रेक्षागृह शामिल हैं. इसके अलावा एक अनुसंधान केंद्र भी बनाया जाएगा, जहां देशभर के छात्र शोध कर सकेंगे.



पर्यावरण और सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान


निर्माण कार्य में इस बात का विशेष ध्यान रखा जाएगा कि परिसर का अधिक से अधिक क्षेत्र खुला और हरा-भरा रहे. साथ ही पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था भी की जाएगी. साइंस सिटी में एक उच्च क्षमता वाली दूरबीन भी स्थापित की जाएगी. इससे छात्र न केवल ग्रहों-नक्षत्रों का अवलोकन कर सकेंगे, बल्कि अंतरिक्ष के प्रति उनकी जिज्ञासा और रुचि भी बढ़ेगी.


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विज्ञान शिक्षा को मिलेगा नया आयाम


वाराणसी और आसपास के जिलों के विद्यार्थियों के लिए यह साइंस सिटी ज्ञान का एक बड़ा केंद्र बनेगी. यहां आने वाले छात्र न केवल विज्ञान से जुड़े विषयों की जानकारी प्राप्त करेंगे, बल्कि उनमें विज्ञान, शोध और नवाचार के प्रति नई सोच भी विकसित होगी. इस परियोजना की वैज्ञानिक, शैक्षिक और शोधात्मक महत्ता को दर्शाती है, जो भविष्य में काशी को विज्ञान शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा.

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- तेल की सप्लाई रुकने पर ईरान की तबाही तय, फिर करेंगे हमला
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- तेल की सप्लाई रुकने पर ईरान की तबाही तय, फिर करेंगे हमला
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को तेल की सप्लाई रोकने के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी है. ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान होरमुज जलडमरूमध्य में तेल की सप्लाई रोकने की कोशिश या फिर किसी भी तरह की साजिश की तो उसे बख्शा नहीं बल्कि उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. ये कार्रवाई अब तक की हुए हमलों से भी कई गुना खतरनाक होगी, जिसका अंदाजा भी ईरान नहीं लगा सकता है. अगर मेरी इन बातों का जरा भी अनसुना कर ईरान ने कुछ भी कदम उठाया तो उसकी खैर नहीं, क्योंकि कुछ भी हो जाए होर्मुज स्ट्रेट में तेल की सप्लाई रूकनी नहीं चाहिए. फिलहाल, मैं दुआ करता हूं, कि ईरान मुझे ऐसा करने पर मजबूर ना करें.ट्रंप ने कहा- तबाही का कहर बरपेगावहीं अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल पर जारी पोस्ट में कहा, "अगर होर्मुज स्ट्रेट में तेल की सप्लाई रूकी तो हम ऐसे ठिकानों को आसानी से तबाह कर देंगे कि ईरान के लिए एक देश के तौर पर दोबारा खड़ा होना लगभग नामुमकिन हो जाएगा. उन पर मौत, आग और तबाही का कहर बरपेगा. लेकिन मुझे उम्मीद है और मैं दुआ करता हूं, कि ऐसा न हो!”यह भी पढ़ें: काशी भम्रण पर पहुंचा त्रिपुरा के पत्रकारों का दल, EIVR का किया भ्रमणइसी के आगे उन्होंने इस चेतावनी को इंटरनेशनल कॉमर्स को बचाने के कदम के तौर पर बताया, खास तौर पर इस बात पर जोर दिया कि ऐसी स्टेबिलिटी बीजिंग समेत बड़ी ग्लोबल इकॉनमी के हितों को कैसे पूरा करेगी. "यह यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका की तरफ से चीन और उन सभी देशों को एक तोहफा है जो होर्मुज स्ट्रेट का बहुत ज्यादा इस्तेमाल करते हैं. उम्मीद है, यह एक ऐसा इशारा है जिसकी बहुत तारीफ की जाएगी."लड़ाई खत्म होने का दावाअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ छिड़ी जंग को लेकर कहा कि, ईरान के साथ चल रही ये "लड़ाई पूरी तरह से खत्म हो चुकी है और तेहरान की डिफेंसिव और अटैकिंग क्षमताएँ पूरी तरह से खत्म हो गई हैं. इसकी वजह ये है कि ईरान की ताकत अब अमेरिका से लड़ने के लिए पूरी खत्म हो चुकी है, इतना ही नहीं, अमेरिका का सामना करने के लिए अब उसके पास कोई नेवी नहीं बची है, यहां तक की उसके पास कोई कम्युनिकेशन नहीं है, उनके पास कोई एयर फोर्स नहीं है. इसका मतलब साफ है कि अमेरिका ने ईरान को अब मुंहतोड़ जवाब देते हुए उसे कंगाल बना दिया है, ताकि वो दुबारा से अमेरिका और कई देशों का सामना करने से पहले दस बार अपनी गरीबी के बारे में सोचेगा.
काशी भम्रण पर पहुंचा त्रिपुरा के पत्रकारों का दल, EIVR
का किया भ्रमण
काशी भम्रण पर पहुंचा त्रिपुरा के पत्रकारों का दल, EIVR का किया भ्रमण
वाराणसी: त्रिपुरा के पत्रकारों का एक दल, प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) अगरतला की पहल पर वाराणसी भ्रमण के दौरान आज भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (आईआईवीआर) पहुँचा और संस्थान के निदेशक डॉ. राजेश कुमार से संवाद किया. पत्रकारों के इस दल का नेतृत्व श्री कृपाशंकर यादव, अतिरिक्त महानिदेशक, पीआईबी (उत्तर-पूर्व) ने किया. इस अवसर पर डॉ. राजेश कुमार ने उत्तर-पूर्वी पर्वतीय क्षेत्र, विशेषकर त्रिपुरा में सब्जी क्षेत्र की बढ़ती संभावनाओं पर प्रकाश डाला.उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र पोषण सुरक्षा, किसानों की आय वृद्धि और रोजगार सृजन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है. उन्होंने बताया कि उत्तर-पूर्वी क्षेत्र की अनुकूल जलवायु और विविध कृषि परिस्थितियाँ विभिन्न प्रकार की सब्जियों की खेती के लिए अत्यंत उपयुक्त हैं. उन्नत किस्मों, जलवायु-सहिष्णु तकनीकों तथा बेहतर उत्पादन प्रबंधन को अपनाकर क्षेत्र में सब्जी उत्पादन को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाया जा सकता है.यह भी पढ़ें: IIT और BHU में टेक्नेक्स, 20 हजार से लाखों तक के इनामनिदेशक ने यह भी बताया कि भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान द्वारा उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के लिए उपयुक्त सब्जी किस्मों के विकास, उत्पादन तकनीकों के प्रसार तथा किसानों एवं हितधारकों के क्षमता निर्माण के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि संस्थान त्रिपुरा सहित उत्तर-पूर्व के राज्यों में सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए वैज्ञानिक सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है. एनइएच क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास की गतिविधियों को संस्थान की ओर से संचालित किए जाने के प्रभारी डॉ राकेश कुमार दुबे ने पर प्रेजेंटेशन के माध्यम से किसानोपयोगी गतिविधियों की जानकारी प्रदान की.इस दौरान पत्रकारों ने बड़ी उत्सुकता के साथ संस्थान के वैज्ञानिकों से संवाद किया तथा त्रिपुरा में सब्जी उत्पादन की वर्तमान स्थिति, किसानों के समक्ष आने वाली चुनौतियों तथा इस क्षेत्र के विकास में आईआईवीआर की भूमिका से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे. अपने भ्रमण के दौरान पत्रकारों के दल ने संस्थान की विभिन्न अनुसंधान सुविधाओं का भी अवलोकन किया, जिनमें अनुसंधान फार्म, हाई-टेक नर्सरी तथा ब्रिमेटो/पोमेटो की प्रायोगिक फसलें शामिल थीं. इन नवाचारों में पत्रकारों ने विशेष रुचि दिखाई और वैज्ञानिकों से इनके संभावित उपयोग एवं भविष्य की संभावनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की. इस अवसर पर संस्थान के सभी विभागाध्यक्ष डॉ ए एन सिंह, डॉ अनंत बहादुर, पीएमई के अध्यक्ष डॉ एस के सिंह एवं अन्य वैज्ञानिक उपस्थित रहे.
IIT और BHU में टेक्नेक्स, 20 हजार से लाखों तक के इनाम
IIT और BHU में टेक्नेक्स, 20 हजार से लाखों तक के इनाम
वाराणसी: आईआईटी बीएचयू के वार्षिक टेक्नो-मैनेजमेंट फेस्ट टेक्नेक्स-26 का आयोजन 13 से 15 मार्च तक किया जा रहा है. इस आयोजन की प्रतियोगिताओं के लिए इनाम की घोषणा कर दी गई है. टेक्नेक्स में मालवेयर, साइबर सिक्योरिटी और हैक इन आउट प्रतियोगिताओं में इंटरनेशनल कोडिंग मैराथन के 20 हजार से लेकर रोबोवार्स में 3.5 लाख तक के इनाम होंगे. इसमें मालवेयर, हैक इट आउट, सीटीएफ कंप्टीशन, गेम जेम, ड्रोन वार, स्काई ग्लाइड, एयरो वर्स, ड्रोन टेक, फिनकल इनोवेशन हैकाथॉन सहित 30 प्रतियोगिताएं होंगी. इसके अलावा प्रोडक्ट मैनेजमेंट कार्यशाला और दो दिन की जेनरेटिव एआई कार्यशाला होगी. ये सभी छात्र-छात्राओं के लिए निशुल्क है.सीटीएफ कंप्टीशन साइबर सिक्योरिटी हंट विषय पर प्रतियोगिता के विजेताओं को 50 हजार रुपये व अन्य इनाम दिए जाएंगे. यह इवेंट 15 मार्च को ऑनलाइन होगा. हर टीम में 3-3 सदस्य होंगे.यह भी पढ़ें: भारतीय संस्‍कृति से आकर्षित होकर काशी में विदेशी जोड़े ने रचाई शादी, कहा- सपना हुआ पूराइंटरनेशनल कोडिंग मैराथनपूरी दुनिया से कोई भी छात्र या छात्रा इसमें हिस्सा ले सकता है. यह एक सॉफ्टवेयर विकास और नवाचार हैकथॉन होगा. टीमें वास्तविक दुनिया की समस्याओं को हल करेंगी और एक प्रोटोटाइप भी तैयार करेंगी.मालवेयर इसकी पात्रता व्यक्तिगत या अधिकतम तीन सदस्यों की है. यह एक मशीन लर्निंग प्रतियोगिता है जिसमें प्रतिभागी बेहतर सटीकता के साथ डेटा के साथ समस्याओं को हल करने के लिए मॉडल बनाएंगे.हैक इट आउटइसमें 1 से 4 सदस्यों की टीमें भाग लेंगी। यह एक सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और नवाचार हैकाथॉन है.गेम जेमपंजीकरण पूरा करने और नियमों का पालन करने वाले सभी पात्र प्रतिभागी इसमें शामिल हो सकते हैं. प्रतिभागियों को टेक्नेक्स 2026 के दौरान एक ऑनलाइन पिच इवेंट के लिए उपलब्ध रहना होगा.