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बनारस में अब तहसील से लेकर न्यायालय तक पर तीसरी आंख की पैनी नजर

बनारस में अब तहसील से लेकर न्यायालय तक पर तीसरी आंख की पैनी नजर
Sep 09, 2025, 11:39 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी: सदर तहसील परिसर में आए दिन कर्मचारियों और अधिवक्ताओं के बीच होने वाले विवाद अब प्रशासन के लिए चुनौती नहीं बनेंगे. अब तहसील से न्यायालय तक की हर हलचल पर सीसीटीवी कैमरों की तीसरी आंख निगरानी रखेगी. ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आइएएस नितिन सिंह के निर्देश पर पूरे परिसर में कैमरे लगाए गए हैं. इसका उद्देश्य न केवल अवांछनीय गतिविधियों पर रोक लगाना है, बल्कि न्यायिक और राजस्व कार्यों को सुचारु ढंग से संचालित करना भी है.


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ज्वाइंट मजिस्ट्रेट की पहल, 25 कैमरों से रियल-टाइम निगरानी


इसी कड़ी में सदर तहसील परिसर में कुल 25 कैमरे लगाए गए हैं .इन कैमरों की लाइव फुटेज सीधे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के कक्ष में लगे स्क्रीन पर दिखाई जाएगी. नितिन सिंह ने बताया कि अगर जरूरत पड़ी तो कैमरों की संख्या और बढ़ाई जाएगी.


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लगातार बढ़ रहे विवादों से उठा कदम


उन्होंने कहा कि पिछले दो महीनों से सदर तहसील विवादों का केंद्र बनी रही है. कभी कर्मचारियों और अधिवक्ताओं में बहस तो कभी हाथापाई की घटनाएं सामने आईं. हाल ही में एक अधिवक्ता के साथ मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद परिसर में माहौल और गरमा गया. कई दिनों तक कलेक्ट्रेट और तहसील दोनों जगहों पर विरोध-प्रदर्शन हुए. प्रशासनिक हलकों में यह धारणा बनने लगी थी कि तहसील परिसर अनुशासनहीन होता जा रहा है. यही कारण रहा कि अब कैमरों की तीसरी आंख से व्यवस्था को पटरी पर लाने की कोशिश की जा रही है.


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संसाधनों की सुरक्षा और पारदर्शिता


सीसीटीवी निगरानी से तहसील में मौजूद महत्वपूर्ण दस्तावेज़ों, संपत्तियों और अन्य संसाधनों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी. अक्सर चोरी, दस्तावेजों की गुमशुदगी या फाइलों के साथ छेड़छाड़ की शिकायतें सामने आती रही हैं. कैमरे इन पर भी अंकुश लगाएंगे. साथ ही पारदर्शिता बनी रहेगी और किसी भी शिकायत का निपटारा फुटेज के आधार पर आसानी से किया जा सकेगा.


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मुआयना कर दिए सख्त निर्देश


शनिवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने पूरे परिसर का निरीक्षण (मुआयना) किया. इस दौरान उन्होंने नाजिर मनोज पांडेय को आदेश दिया कि परिसर में मौजूद सभी स्टांप वेंडरों की सूची का वह मिलान करें. साथ ही शेड लगाकर बैठे बाहरी और संदिग्ध लोगों पर कड़ी नजर रखी जाए तथा अवांछनीय तत्वों को परिसर में प्रवेश न दिया जाए.

निरीक्षण के दौरान अमीन संघ के जिलाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह, वरिष्ठ सहायक मोहम्मद आजम और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे.


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अधिवक्ताओं और कर्मचारियों के लिए चेतावनी


प्रशासन का साफ संदेश है कि अब विवाद और हंगामे की स्थिति बर्दाश्त नहीं की जाएगी. अधिवक्ताओं और कर्मचारियों दोनों से अपेक्षा की गई है कि वे अनुशासन का पालन करें. अगर कोई व्यक्ति परिसर में माहौल बिगाड़ने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार्रवाई की जाएगी.


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जनता को होगा सीधा फायदा


आम नागरिकों को तहसील में काम करवाने के दौरान अब राहत मिलेगी. पहले अक्सर विवाद या हंगामे के कारण लोग घंटों परेशान रहते थे और उनका काम अटक जाता था. सीसीटीवी निगरानी से न केवल व्यवस्था सुधरेगी बल्कि लोगों का प्रशासन पर भरोसा भी मजबूत होगा.


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भविष्य की योजना


ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने संकेत दिया है कि आगे चलकर परिसर में और आधुनिक सुविधाएं जोड़ी जाएंगी. कैमरों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ पूरे नेटवर्क को डिजिटल सर्वर से जोड़ा जाएगा, ताकि रिकॉर्ड लम्बे समय तक सुरक्षित रह सके. अब सदर तहसील परिसर में हर कदम, हर गतिविधि कैमरों की नजर में होगी. इस पहल से उम्मीद है कि तहसील का माहौल शांतिपूर्ण, सुरक्षित और अनुशासित बन सकेगा.

बकरीद पर नगर निगम ने किया 79 स्थानों पर विशेष इंतजाम, 24x7 निगरानी
बकरीद पर नगर निगम ने किया 79 स्थानों पर विशेष इंतजाम, 24x7 निगरानी
Municipal Corporation makes special arrangements at 79 places for Bakrid, 24x7 monitoring​वाराणसी: बकरीद को लेकर नगर निगम ने शहर की स्वच्छता और जनस्वास्थ्य के प्रति विशेष कार्ययोजना बनाई है. इस क्रम में कुर्बानी के उपरांत निकलने वाले भारी मात्रा में लीदा-पचौनी व अन्य अपशिष्टों के त्वरित निस्तारण के लिए निगम ने व्यापक इंतजाम किए हैं. निगम ने शहर के 79 ऐसे स्थानों को चिह्नित किया है जहाँ कुर्बानी के बाद अपशिष्ट अधिक निकलता है. इन स्थलों से कूड़ा उठाने के लिए 94 वाहनों (डीपी कन्टेनर, काम्पैक्टर, हापर, टाटा एस, ट्रैक्टर-ट्राली, लोडर व डम्पर) की विशेष ड्यूटी लगाई गई है. परिवहन विभाग को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि कचरा ढोने वाले सभी वाहन तिरपाल से ढके हों ताकि रास्ते में गंदगी न फैले.जैतपुरा, अलईपुरा और बजरडीहा जैसे क्षेत्रों में, जहां कुर्बानी बड़े पैमाने पर होती है, उत्कृष्ट सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए निगम ने अलग से 95 सफाई कर्मचारियों और आठ सफाई सुपरवाइजरों को तैनात किया है. साथ ही, नाला गैंग के कर्मियों की भी विशेष तैनाती की गई है. लीदा-पचौनी के सुरक्षित निस्तारण के लिए करसड़ा प्लांट पर विशेष गड्ढे खोदे गए हैं. यहां 24x7 सफाई और खाद्य निरीक्षकों की तैनाती की गई है, जो रोटेशन में कार्य देखेंगे.​27 मई: विवेक वोहरा (सफाई निरीक्षक)​28 मई: विनयानंद द्विवेदी (सफाई निरीक्षक)​29 मई:पंकज श्रीवास्तव (सफाई निरीक्षक)​इसके अतिरिक्त भानू प्रताप सिंह अपनी टीम के साथ व्यवस्था संभालेंगे.सफाई के उपरांत दुर्गंध और संक्रमण रोकने के लिए कीटनाशकों का भरपूर भंडारण कर लिया गया है, जिसमें 1200 बोरी मैलाथियान पाउडर, 700 बोरी ब्लीचिंग पाउडर, 50 टन चूना पाउडर, 500 लीटर फिनायल और 15 टन खड़ा नमक प्रमुख है. कूड़े को गड्ढों में डालकर इन रसायनों के साथ एक्सकेवेटर मशीन से मिट्टी की कैपिंग की जाएगी.Also Read: वाराणसी एयरपोर्ट पर सफाई कर्मियों का प्रदर्शन, सामने आई यह वजहजनमानस की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए कंट्रोल रूम में हेल्प डेस्क बनाई गई है. नागरिक किसी भी समस्या के लिए निम्न आईटी विशेषज्ञों से संपर्क कर सकते हैं.​विद्या प्रकाश दुबे: 9415817234आशीष कुमार श्रीवास्तव: 7503920948
वाराणसी एयरपोर्ट पर सफाई कर्मियों का प्रदर्शन, सामने आई यह वजह
वाराणसी एयरपोर्ट पर सफाई कर्मियों का प्रदर्शन, सामने आई यह वजह
Sanitation workers protest at Varanasi airport, this reason came to lightवाराणसी: बाबतपुर स्थित लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के सफाई कर्मियों को नौकरी से हटाए जाने का मामला सामने आया है. इसको लेकर सफाई कर्मियों ने नाराजगी जाहिर करते हुये विरोध में प्रदर्शन किया. निजी कंपनी के माध्यम से कार्यरत करीब दो दर्जन कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि नए टेंडर की शर्तों का हवाला देकर उन्हें अचानक काम से बाहर कर दिया गया. ऐसे मे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है.आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि वे पिछले 15 वर्षों से एयरपोर्ट पर सफाई व्यवस्था से जुडे हैं. कर्मचारियों के मुताबिक कंपनी ने 45 वर्ष से अधिक आयु होने के आधार पर उन्हें हटाया है. साथ ही उनका आरोप है कि कुछ कर्मचारियों से नौकरी जारी रखने के नाम पर 30 से 35 हजार रुपये तक की मांग भी की जा रही है. हालांकि, इस आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है.सफाईकर्मी चमेली, शंकर, मीना, चिंता, सावित्री, संजू, ओमप्रकाश, राजकुमार, लाल बहादुर, सीता, गीता और बेबी समेत अन्य कर्मचारियों ने कहा कि यदि उम्र संबंधी नियम पहले से लागू था तो इतने वर्षों तक उनसे काम क्यों लिया गया. कर्मचारियों ने प्रशासन और कंपनी प्रबंधन से कार्रवाई वापस लेने तथा दोबारा नौकरी पर रखने की मांग की है.Also Read: वाराणसी के मिंट हाउस पर बना हेरिटेज ट्रैफिक बूथ, चौराहों का हो रहा सुंदरीकरणवहीं, एयरपोर्ट पर सफाई व्यवस्था संभाल रही अरुण एविशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजर कौशल कुमार ने बताया कि पुराना टेंडर समाप्त होने के बाद नए टेंडर की शर्तें लागू हुई हैं. उनके अनुसार, नए नियमों के तहत 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को नियुक्त नहीं किया जा सकता, इसी कारण कुछ कर्मचारियों को हटाया गया है. कंपनी प्रबंधन का कहना है कि प्रभावित कर्मचारियों को यह विकल्प दिया गया है कि यदि उनके परिवार में 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग का कोई सदस्य है तो उसे नौकरी पर रखा जा सकता है.
वाराणसी के मिंट हाउस पर बना हेरिटेज ट्रैफिक बूथ, चौराहों का हो रहा सुंदरीकरण
वाराणसी के मिंट हाउस पर बना हेरिटेज ट्रैफिक बूथ, चौराहों का हो रहा सुंदरीकरण
Heritage traffic booth built at Mint House in Varanasi, intersections being beautifiedवाराणसी: काशी की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को आधुनिक सुविधाओं के साथ जोड़ने की दिशा में एक नई पहल शुरू हुई है. शहर के व्यस्त मिंट हाउस चौराहे पर हेरिटेज स्टाइल ट्रैफिक बूथ का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है. यह बूथ न केवल यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में सहायक होगा, बल्कि बनारस की प्राचीन वास्तुकला और सांस्कृतिक विरासत की झलक भी प्रस्तुत करेगा. इसमें एक घडी भी लगाई गई है.आकर्षण का केंद्र बनेगी घड़ी जानकारी के अनुसार, इस ट्रैफिक बूथ को वाराणसी के पुराने मंदिरों, घाटों और ऐतिहासिक इमारतों की शैली में डिजाइन किया जा रहा है. निर्माण में पारंपरिक नक्काशी, लकड़ी और पत्थरों का उपयोग किया जा रहा है ताकि यह बूथ शहर की ऐतिहासिक छवि के अनुरूप दिखाई दे. चौराहे पर एक बड़ी हेरिटेज शैली की घड़ी भी स्थापित की जा रही है, जो आकर्षण का केंद्र बनेगी.काशी की विरासत का अनुभव मिंट हाउस चौराहा नदेसर, ताज होटल और कचहरी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को जोड़ता है, जिसके चलते यहां दिनभर भारी यातायात बना रहता है. ऐसे में इस बूथ के निर्माण से ट्रैफिक पुलिस को बेहतर कार्यस्थल मिलेगा और यातायात संचालन भी अधिक व्यवस्थित हो सकेगा. साथ ही, शहर आने वाले पर्यटकों को भी काशी की विरासत का अनुभव होगा.यह परियोजना वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट और नगर निगम के संयुक्त प्रयास से तैयार की जा रही है. प्रशासन का उद्देश्य शहर के प्रमुख चौराहों को आधुनिक सुविधाओं के साथ हेरिटेज स्वरूप देना है, ताकि स्मार्ट सिटी के साथ-साथ काशी की ऐतिहासिक पहचान भी बनी रहे. स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना की है. लोगों का कहना है कि यदि शहर के सार्वजनिक ढांचे भी बनारस की पारंपरिक शैली में विकसित किए जाएं, तो इससे शहर की सुंदरता और पहचान दोनों मजबूत होंगी.Also Read: बैंक खातों से साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, दो शातिर गिरफ्तारकाशी को विश्वस्तरीय हेरिटेज शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में यह प्रयास एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. इससे पहले भी शहर में हेरिटेज वॉक, भित्ति चित्रों और पुराने भवनों के सौंदर्यीकरण जैसे कई कार्य किए जा चुके हैं. अब मिंट हाउस का यह हेरिटेज ट्रैफिक बूथ भी उसी श्रृंखला की नई कड़ी बनने जा रहा है.